कानपुर देहात। मूसानगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से छेड़छाड़ के करीब दस साल पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी को चार वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को चार माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार चतुरीपुरवा निवासी सुरेन्द्र पुत्र रामनाथ के खिलाफ वादिनी की नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में थाना मूसानगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
विवेचक ने मामले की जांच पूरी कर 27 जुलाई 2016 को अभियुक्त के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
एडीजे-15 (बलात्कार/पॉक्सो एक्ट), कानपुर देहात की अदालत ने सुरेन्द्र को चार वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना मूसानगर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस ने बताया कि अभियान का उद्देश्य अपराधियों को सजा दिलाना और महिला एवं बाल अपराधों पर अंकुश लगाना है।











