प्रधानमंत्री के 12 वर्ष एवं मुख्यमंत्री के 09 वर्ष पूर्ण होने पर विकसित भारत संकल्प सम्मेलन, विकास प्रदर्शनी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का हुआ आयोजन

 

प्रभारी मंत्री,  विधायक, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी ने विकास प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन

प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों को दी गई आधुनिक, वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी

जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकार की उपलब्धियां की गईं साझा, लाभार्थियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र एवं सहायता सामग्री

उन्नत किसानों, बीसी सखी एवं स्वयं सहायता समूहों ने साझा किए सफलता के प्रेरणादायी अनुभव

 

कानपुर देहात सुशासन को समर्पित  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान के मूल भाव के साथ 140 करोड़ भारतीयों की निरंतर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा  मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  की सरकार के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज इको पार्क, माती में जनपद स्तरीय विकसित भारत संकल्प सम्मेलन, विकास प्रदर्शनी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में  कैबिनेट मंत्री/प्रभारी मंत्री जनपद कानपुर देहात डॉ. संजय कुमार निषाद ,  विधायक रसूलाबाद  पूनम शंखवार ,  भाजपा जिलाध्यक्ष  रेणुका सचान, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, किसान एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं विकास प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ हुआ। इस अवसर पर  प्रभारी मंत्री,  विधायक रसूलाबाद, जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों द्वारा जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान  प्रभारी मंत्री एवं  विधायक द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी सम्पन्न कराया गया।
गोष्ठी के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए  प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद  ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण, कश्मीर से अनुच्छेद-370 की समाप्ति, आधारभूत संरचना विकास, किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को समान महत्व देते हुए राष्ट्र निर्माण का कार्य किया है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाकर कृषि लागत कम करने तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
विधायक रसूलाबाद एवं  भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से समाज के प्रत्येक वर्ग का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि किसान, महिला, युवा एवं गरीब वर्ग विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने तथा कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग का लाभ लेने का आग्रह किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है, जिससे उत्पादन लागत कम होने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता, जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसान भाइयों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, तकनीकों एवं लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कृषि विशेषज्ञों द्वारा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, गौ-आधारित एवं जैविक संसाधनों के उपयोग, जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, मल्चिंग, फसल विविधीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण आधारित खेती की विधियों के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद प्राप्त होते हैं। साथ ही किसानों को आय बढ़ाने एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
गोष्ठी के विशेष तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक आई.एन. शुक्ला द्वारा कृषकों को सब्जियों की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने खरीफ सीजन में आधुनिक नर्सरी प्रबंधन, जलभराव क्षेत्रों के लिए उपयुक्त प्रजातियों का चयन, वैज्ञानिक बुवाई विधि तथा जैविक कीट एवं रोग प्रबंधन के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसी क्रम में कृषि विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी अमर सिंह पाल द्वारा रसायन मुक्त शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने स्थानीय गोवंश के गोबर एवं गोमूत्र के उपयोग से बीजामृत, जीवामृत एवं घनजीवामृत तैयार करने की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी प्रदान की। साथ ही श्री अन्न (मोटे अनाज) जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो एवं सावां के उत्पादन तथा उनके स्वास्थ्य लाभों पर भी विशेष प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में ब्लॉक झींझक के ग्राम जसापुर के प्रगतिशील किसान फूल सिंह द्वारा अपनी सफलता की कहानी साझा की गई। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती एवं गौ-आधारित कृषि पद्धतियों को अपनाकर उन्होंने लागत में कमी तथा आय में वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने जीवामृत एवं बीजामृत के प्रयोग से होने वाले आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों के संबंध में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकास खंड राजपुर के ग्राम डुबकी हसनपुर की बीसी सखी  प्रेमा देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की अपनी प्रेरक कहानी साझा की। क्लस्टर लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष रंजना द्वारा आजीविका संवर्धन गतिविधियों की जानकारी दी गई। वहीं विकास खंड सरवनखेड़ा की उमंग महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षा प्रतिमा सिंह ने बताया कि उनका समूह रेडीमेड वस्त्र निर्माण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार एवं सम्मानजनक आय उपलब्ध करा रहा है।
इस अवसर पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की गई। लाभार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है तथा उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिली है।
कार्यक्रम का समापन विकसित भारत के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित जनसमुदाय ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं प्राकृतिक खेती के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित समस्त विभागीय अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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