केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा संस्कार सुशासन एवं सम्मान के मूलभाव पर आधारित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन, विकास प्रदर्शनी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला (खरीफ उत्पादकता गोष्ठी) का भव्य एवं गरिमामय आयोजन इको पार्क माती के सामुदायिक भवन में जिला प्रशासन और कृषि विभाग के समन्वय से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष गोष्ठी में जिला प्रशासन और कृषि एवं कृषि समावेशी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों की प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई तथा आगामी खरीफ सीजन के लिए रणनीतियों व विभागीय नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरज रानी, पूर्व सांसद श्री अनिल शुक्ल वारसी, अकबरपुर के ब्लॉक प्रमुख तथा माननीय मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला जी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक नेतृत्व के रूप में जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, उप कृषि निदेशक हरी शंकर भार्गव, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा जिला उद्यान अधिकारी सहित समस्त विभागीय अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। कृषि विभाग, कृषि रक्षा अनुभाग, फसल बीमा, उद्यान विभाग, कौशल विकास, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा, पशु चिकित्सा, रेशम, पुलिस, पंचायत श्रम, बेसिक शिक्षा, महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, इफ्को आदि कि साथ-साथ निजी कृषि निवेश निर्माता/विक्रेता फर्मों यथा न्यूजीबीडू सीड्स, राव हर्बल एंड एरोमेटिक, महेश बीज भंडार, पायनियर सीड्स एवं स्वयं सहायता समूह मशाल द्वारा स्टाल/विकास प्रदर्शनी लगायी गयी, जिसका विशेष अतिथियों एवं जिला प्रशासन द्वारा अवलोकन किया गया।
उप कृषि निदेशक द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक की अवधि के आंकड़े प्रस्तुत किए गए। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के निर्धारित नियमों के तहत जनपद के कुल 3,75,371 लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डी.बी.टी. के माध्यम से निर्बाध रूप से धनराशि भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति की प्रतिपूर्ति के लिए जनपद के कुल 4,39,818 कृषकों का बीमा कराया गया, जिसके अंतर्गत कुल ₹1204.4716 करोड़ की धनराशि के दावों में से ₹145.96 करोड़ की राशि सीधे कृषकों के खातों में भेजी जा चुकी है। पीएम कुसुम योजना के तहत कृषकों को सोलर पंपों की स्थापना पर 60 प्रतिशत तक का अनुदान देय है, जिसके तहत जनपद में अब तक कुल 340 सोलर पंप सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। कृषि विभाग द्वारा आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान करके 2,364 किसान लाभांवित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, जनपद के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कुल 128 एग्रीजंक्शन केंद्र प्रशासनिक नियमों के तहत सफलतापूर्वक संचालित हैं। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए कुल 1,68,971 किसानों को 3,35,400 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के नियमों के अंतर्गत 2,750 कृषकों को प्राकृतिक खेती हेतु विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। पिछले 12 वर्षों में विशेष अभियान चलाकर कुल 4,36,813 नए/नवीनीकृत किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए, जिसके माध्यम से कुल ₹8924.678 करोड़ का फसली ऋण वितरित किया जा चुका है।
जिला कृषि अधिकारी ने खरीफ सीजन हेतु जनपद में पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज और कीटनाशकों (कृषि निवेशों) की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए विभागीय अनुदान योजनाओं के नियमों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी और सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता ने भी अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने मृदा स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए रासायनिक खादों और कीटनाशकों से होने वाले दीर्घकालिक नुकसानों के प्रति सचेत किया और प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत ने पशुओं के रोगों व बचाव के टीकों की जानकारी देने के साथ-साथ मवेशियों के गोबर को जैविक खाद के रूप में उपयोग करने के बहुआयामी लाभ बताए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही योजनाओं और तकनीकी सुधारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी ने फसल बीमा तथा प्राकृतिक खेती के महत्व पर बल देने के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए अन्य महत्वपूर्ण विभागों द्वारा संचालित कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत राज विभाग, ग्रामीण स्वच्छता, पंचायती राज व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर रहा है। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी के साथ-साथ कृषि संपत्तियों व जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन और सुदृढीकरण किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण जैसी संस्थाएं समाज के वंचित वर्गों को पेंशन, छात्रवृत्ति और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का कार्य कर रही हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर बात करते हुए आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की श्फ्रेंड पुलिसश् अवधारणा और अपराधों के प्रति श्जीरो टॉलरेंस पॉलिसीश् पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा संचालित महिला सुरक्षा हेल्पलाइन सेवाओं, जैसे 1090 वीमेन च्वूमत स्पदम और 112 आपातकालीन सेवा के नियमों व कार्यप्रणाली के प्रति उपस्थित जनसमुदाय को जागरूक किया। जिलाधिकारी कानपुर देहात ने आम जनता और किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से फैमिली आईडी और फार्मर रजिस्ट्री के दूरगामी लाभों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि इन डिजिटल पहलों से जुड़कर वे सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष, पारदर्शी और त्वरित लाभ उठा सकते हैं, जिससे अंततः उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरज रानी जी ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों की उन्नति और महिला सशक्तिकरण हमेशा माननीय प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के लिए सर्वोपरि रहा है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। सफलता की कहानी, किसान की जुबानी कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक झींझक के प्रगतिशील किसान बाबूलाल निषाद ने प्राकृतिक खेती के अपने जमीनी अनुभव साझा किए। वहीं ब्लॉक अकबरपुर के कृषक बलजीत सिंह ने नियमानुसार मिले आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से अपनी आमदनी में हुई शानदार वृद्धि की प्रेरक कहानी सुनाई।
सम्मेलन के दौरान मुख्य अतिथियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित शासकीय नियमों के तहत सामग्री एवं स्वीकृति-पत्रों का वितरण किया गया। कृषि विभाग द्वारा विभिन्न विकास खंडों के लाभार्थी कृषकों (यथा राम आसरे, लाल सिंह कुशवाहा, भारत सिंह (अकबरपुर), रेखा सचान, आनंद स्वरूप (मलासा), गोपीनाथ, श्रीराम (अमरौधा), मुलायम सिंह, सुखदेव सिंह (राजपुर), वसीम अहमद अशोक कुमार सिंह (डेरापुर), बाबूलाल निषाद (संदलपुर), राम आसरे (झींझक), महीपाल सिंह, परशुराम, अनिल पाल, सुनील (रसूलाबाद), शिव शंकर एवं कैलाश (सरवनखेड़ा)) को प्रमाणित उन्नत बीजों (तिल, उड़द, अरहर) की निःशुल्क मिनीकिट वितरित की गई।
युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रांतीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत मृतक आश्रित नियमों के तहत चयनित लाभार्थी सोनू (पुत्र स्व० कमलेश), अमरपाल (पुत्र स्व० कल्लू) तथा विनय बाबू करियार (पुत्र स्व० गिरीश) को शासकीय सेवा स्वीकृतिध्नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के नियमों के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्थानीय उद्यमियों हिमांशू पोरवाल (फ्लोर मिल, राजपुर), प्रशांत त्रिवेदी (मल्टीग्रेन आटा, झींझक) तथा जितेंद्र सिंह (मिनी ऑयल मिल, संदलपुर) को मंच पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता नियमों के तहत ₹5 लाख तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने वाले आयुष्मान गोल्डन कार्ड मुख्य रूप से लक्ष्मी देवी, रेनू, वंदना देवी, रिहाना बेगम, चांदनी एवं निशा (ब्लॉक अकबरपुर) को सौंपे गए। चिकित्सा विभाग द्वारा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के नियमों के अंतर्गत टीबी मरीजों को बेहतर पोषण हेतु पोषण पोटली प्रदान की गई, जिसके तहत अनीस, प्रियंका, राकेश, बीरेन्द्र, अमन एवं रामू लाभांवित हुए। कृषि यंत्रीकरण योजना के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु राजकुमार (अनुदान ₹4,00,000/-), फार्म मशीनरी बैंक हेतु जी फ्रेश फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (अनुदान ₹8,00,000/-) तथा आधुनिक ड्रोन तकनीक हेतु श्री अजय कुमार (अनुदान ₹5,00,000/-) को प्रतीकात्मक चाबी व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अंत में, विशिष्ट अतिथि महोदया की अनुमति से पहले दिन के इस अत्यंत सफल कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई, तथा किसानों को अवगत कराया गया कि कल भी यह कार्यक्रम इसी प्रकार सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाएगा।













