कालपी (जालौन)। कालपी में एक वरिष्ठ पत्रकार को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित मान्यता प्राप्त पत्रकार ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर उन पर लंबे समय से रंगदारी का दबाव बना रहा है और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 जून 2026 की शाम करीब पांच बजे कालपी के मान्यता प्राप्त पत्रकार के प्रतिष्ठान पर हिस्ट्रीशीटर प्रदीप कुमार गुप्ता उर्फ लल्ला पहुंचा और वहां मौजूद कर्मचारी से गाली-गलौज करते हुए 5,000 रुपये की मांग की। विरोध करने पर आरोपी ने गोली मारने की धमकी दी। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गया।
पीटीआई के मान्यताप्राप्त पत्रकार अशोक पुरवार ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार उन्हें धमका चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी और उसके सहयोगी क्षेत्र में भय का माहौल बना रहे हैं। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा झूठी शिकायतों के माध्यम से मानसिक दबाव बनाने और शिकायत करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।
3 दिन बाद मुकदमा न लिखें जाने पर पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली कालपी पहुंचा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई थी, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं पत्रकारों में रोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ पत्रकार को मिली धमकी ने कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मामला अब उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच चुका है। पीड़ित पक्ष ने आरोपी की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है। वहीं लोगों की नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है और कानून का राज कायम करने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।
आर०एन०शुक्ला पत्रकार













