जिलाधिकारी ने आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए उप जिलाधिकारी को नामित किया जांच अधिकारी
जालौन प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता एवं कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट उरई में कार्यरत पलक निधि नायक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कर्मचारी के विरुद्ध प्राप्त गंभीर शिकायतों एवं प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध बिना सक्षम अनुमति के व्यापारिक गतिविधियों में संलिप्त रहने, खनन कार्यों से जुड़े मामलों में अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त रहा, शासकीय कार्यों में अपेक्षित अनुशासन का पालन न करने तथा विभिन्न व्यक्तियों द्वारा धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें प्राप्त होने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के समर्थन में प्राप्त अभिलेखों एवं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ने सरकारी सेवक के लिए निर्धारित आचरण नियमावली का पालन सर्वोपरि है तथा किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी जालौन को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि मामले की गहन जांच कर निर्धारित अवधि में अपनी आख्या प्रस्तुत करें, जिससे तथ्यों के आधार पर अग्रिम विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने जनहित, सुशासन और प्रशासनिक शुचिता बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी कर्मचारी द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।













