कानपुर देहात। उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल फार्मर आईडी, खतौनी के क्षेत्रफल एवं फसल संस्तुति के आधार पर ही किया जाए। अगली फसल या भंडारण के लिए उर्वरक वितरण न करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उर्वरक की कालाबाजारी और होर्डिंग को गंभीर अपराध बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शासन स्तर से योगेश कुमार एवं अजय कुमार कृष्णा भी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन टॉप-5 उर्वरक विक्रेताओं और खरीदारों की सूची का सत्यापन कराया जाए तथा अनियमितता मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी कानपुर देहात ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसानों को भरोसा दिलाया गया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।










