जयकारों के संग स्कंदमाता का जगह-जगह हुआ पूजन अर्चन।

कानपुर देहात मां दुर्गा के नौ अवतारों की शुरुआत 19 मार्च से प्रथम दिन शैलपुत्री दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी तीसरे दिन चंद्रघंटा चौथे दिन कूष्मांडा और आज पांचवे दिन स्कंदमाता के नाम पर मंदिर में पहुंचकर जयकारों के बीच माता बहनों ने पूजन अर्चन कर रोग शोक से दूर आयु विद्या यश और बल की कामना करते हुए सप्तशती का पाठ किया। नवरात्र के पांचवें दिन मूसानगर में स्थित मां मुक्तेश्वरी मंदिर जो यमुना नदी के किनारे आदि शक्ति के रूप में पौराणिक शक्तिपीठ मंदिर के रूप मेंआसपास के भक्तों ने जलाभिषेक करते हुए ध्वज नारियल और झंडा चढ़ाते हुए लोगों का सैलाब देखा गया जिसमें पुरुषों के बजाय महिलाओं की संख्या अधिक रही वही मैथा हथका और देवी पूर्वा गांव के मध्य बने सम्मोहिनी देवी मंदिर में स्कंदमाता स्वरूप मां दुर्गा शक्ति की बड़ी संख्या में पूजा हुई जवकि पुखरायां स्थित मौहर माता मंदिर में चौमुखी दीपक के साथ मौहर देवी का अर्चन बंदन व आरती के साथ जयकारा लगे इसी कड़ी में राजपुर स्थित शीतला देवी मंदिर में ध्वजा नारियल कलावा गरी खीर का प्रसाद भक्तों को मिला। मालूम हो कि कानपुर देहात ही नहीं पूरे प्रदेश और देश में चैत्र नवरात्रि के दिनों में हर मंदिर में महिला और पुरुष भक्त व्रत उपवास के साथ अपने संकल्पों को मां के सामने रखते हैं और आदि शक्ति मां उन सभी को शुभाशीष देकर भक्तों की हर मन्नत को पूरा करतीहैं इस कडी में आज छठे दिन कात्यायनी देवी की पूजा होगी जैसा कि कात्यायनी देवी की पूजा करने से अविवाहित लड़कियों को अच्छे और योग वर की ही प्राप्ति नहीं होती है बल्कि शादी न होने वाली लड़कियों का विवाह भी उसी वर्ष हर हालत में हो जाता हैजब माता-पिता और अविवाहित लड़की कात्यायनी देवी का व्रत रखकर मन से पूजन अर्चन करें जहां शक्ति की पूजा हो रही है वहीं गांव चिलौली में प्राचीन काल से बने लल्लू बनिया बाबा मंदिर में शंकर जी के साथ नंदी बाबा नहीं थे विद्वानों के मत अनुसार नंदी बाबा अकेले कैसे रहें जबकि उनका वाहन ही नहीं था वही लल्लू बनिया के नाती अनिल उर्फ राजू गुप्ता ने नंदी बाबा की मूर्ति की स्थापना पं राम औतार दीक्षित के मंत्रोच्चार संकल्प के साथ भगवान भोले बाबा के पास प्रतिस्थापित करदी मालूम हो कि आखिरी नवे दिन जहां शक्ति के रूप में दुर्गा जी प्रकट होगी वही उसी दिन रामनवमी अर्थात राम का जन्मदिन भी अयोध्या के साथ हर मंदिर के पास मेलो जैसी भीड़ रहेगी और भंडारे के रूप में प्रसादी का वितरण भी होगा।सरकार ने भी चाक चौबंद ब्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदारी सौप दी है। लोग पवित्र भाव से भगवत भजन में लवलीन हैं।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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