कानपुर देहात। गर्मी एवं हीट वेव (लू) के संभावित प्रभावों को देखते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कानपुर देहात के मार्गदर्शन में आपदा मित्रों द्वारा विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य खेतों में कार्य कर रहे मजदूरों, बच्चों, बुजुर्गों तथा आम जनमानस को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। आपदा मित्र कादिर एवं हमजा द्वारा गाँव-गाँव जाकर खेतों में कार्यरत श्रमिकों, राहगीरों तथा ग्रामीणों को हीट वेव से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। उन्होंने बताया कि अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो लू के लक्षण हैं।
आपदा मित्रों ने ग्रामीणों को सलाह दी कि अत्यधिक गर्मी के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ जैसे ORS, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। खेतों में कार्य करने वाले मजदूरों को समय-समय पर छाया में विश्राम करने एवं पानी पीते रहने की विशेष सलाह दी गई। बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने, धूप में खेलकूद से बचाने तथा घर के अंदर ठंडे एवं हवादार स्थान पर रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। साथ ही ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर ठंडे पानी की पट्टी रखें तथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएँ। यह जनजागरूकता अभियान निरंतर जारी है और आगामी दिनों में अन्य गाँवों में भी आपदा मित्रों द्वारा इसी प्रकार जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि हीट वेव के दुष्प्रभावों से जनहानि को रोका जा सके। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अपील की गई है कि सभी नागरिक प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा स्वयं सुरक्षित रहते हुए दूसरों को भी जागरूक करें।










