कानपुर देहात। इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिले की लगभग सभी गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें लग जाती हैं, जहां उपभोक्ता पूरे दिन इंतजार करते हैं, लेकिन कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी संचालक अब सिलेंडर देने में 40 से 45 दिन का समय बता रहे हैं, जबकि बड़े परिवारों में एक सिलेंडर मुश्किल से 20 से 25 दिन ही चल पाता है। ऐसे में लोगों के सामने रोजमर्रा की रसोई चलाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिले में गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) भी शुरू हो गई है, जहां जरूरतमंद लोगों से अधिक कीमत वसूली जा रही है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जिन घरों में शादी या अन्य पारिवारिक कार्यक्रम हैं, उन्हें भी गैस सिलेंडर की भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।






