रमजान बरकतों वाला महीना है, इसे गफलत में न गुज़ारें – इरशाद अशरफी

 

कालपी (जालौन) मजहबे इस्लाम में माहे रमजान-उल-मुबारक की बड़ी शान और मर्तबा बयान किया गया है। जैसे ही रमजान का चांद नजर आता है, हर मुसलमान के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ जाती है। दारुल उलूम गौसिया मजिदिया के नाज़िमे आला (प्रबंधक) अल्हाज हाफिज इरशाद अशरफी ने कहा कि अल्लाह तआला का हम पर बड़ा एहसान है कि उसने हमें रमजान जैसी अज़ीम नेमत अता की।
उन्होंने कहा कि हमें चाहिए कि हम अपने परवरदिगार के हुक्म को मानते हुए पूरे एहतराम के साथ रोज़े रखें। यदि किसी शरई मजबूरी के कारण कोई रोज़ा नहीं रख पा रहा है, तो उसे खुलेआम खाने-पीने से बचना चाहिए और रोज़ेदारों का सम्मान करना चाहिए। साथ ही, जिन चीजों को अल्लाह ने हराम और मना फरमाया है, उनसे पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
हाफिज इरशाद अशरफी ने बताया कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना है। इसी मुकद्दस महीने में अल्लाह तआला ने कुरआन पाक को नाज़िल फरमाया। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि इस महीने में ज्यादा से ज्यादा कुरआन की तिलावत करे, नमाज़ की पाबंदी करे और अपने गुनाहों से तौबा करे।
उन्होंने अपील की कि लोग अपनी ज़कात और सदकात की रकम से गरीब, मजलूम और बेसहारा लोगों की मदद करें, ताकि समाज में भाईचारा और हमदर्दी का माहौल कायम हो।
अंत में उन्होंने कहा कि जिसे इस मुबारक महीने के रोज़े रखने का मौका मिल जाए, उसे खुद को खुशनसीब समझना चाहिए और पूरे रमजान इबादत, दुआ और नेक कामों में गुजारना चाहिए।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें