
आवास विकाश कल्याणपुर दुर्गा पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री राम कथा में पधारे श्री धाम वृंदावन के आचार्य राज भूषण पाण्डेय जी ने कथा के तीसरे दिन भक्त ध्रुव चरित्र जड़भरत चरित्र अजामिलप्रख्यान और भक्त प्रह्लाद जी की कथा वर्णन किया ध्रुव प्रहलाद जी की कथा कहते हुए बताया कि भगवान का भजन करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती है । ध्रुव और प्रहलाद जी बहुत छोटी उम्र में ही श्री नारद जी को गुरु बनाके गुरु द्वारा दिए गए द्वादक्षर मंत्र को निरन्तर भक्ति विश्वास के साथ जप करके भगवान का भजन करके भगवान की प्राप्ती की, समस्त जन मानस को बताया कि बिना गुरुजी की कृपा है । जीव कल्याण नहीं है और अंत में भगवान के श्री धाम में उनको उच्च स्थान मिला महाराज ने आगे कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है , जब हम इनके संदेशों को अपने जीवन और व्यवहार में उतारे। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होते है और प्राणी मात्र का लौकिक वा आध्यात्मिक विकाश होता है / कथा व्यास ने माता पिता की सेवा का महत्व बताते हुए कहा जिसने भी माता-पिता की निस्वार्थ भाव से सेवा करली समझलो उनसे सभी तीर्थों की यात्रा करली माता पिता के चरणों में तीर्थ है रात्रि बेला में आचार्य गौरव कृष्ण जी महाराज द्वारा भगवान श्री राम जन्म की जन्म का पावन महोत्सव का आख्यान सुनाया गया । महाराज जी ने बताया कि जब इस पृथ्वी पर अधर्म की अधिकता असुरों के द्वारा होती है तो भगवान जी हर कहप में इस धरा धाम आकर असुरों का नाश करते हैं और अधर्म की स्थापना करके भक्तों के दुखों को दूर करते हैं कथा के इस अवसर पर अभिराम दास, राकेश शुक्ला जी, आलोक मिश्रा जी, अखिल दुबे जी, रवि, नैतिक , ठाकुर अमन सिंह जी आदि भक्त मौजूद रहे











