रेलिंग टूटने के बाद दुर्घटना की संभावना बढ़ गई थी, जिसके चलते राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी

 

कालपी (जालौन)! पुराने यमुना पुल पर लगी लोहे की बीच की रेलिंग अचानक टूट जाने से सोमवार देर शाम स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। यह पुल कानपुर – झांसी कालपी–जालौन मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां से प्रतिदिन भारी संख्या में बड़े वाहन, पैदल यात्री और छोटे सवारी वाहन की आवाजाही होती है। रेलिंग टूटने के बाद दुर्घटना की संभावना बढ़ गई थी, जिसके चलते राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी।

सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI-27) की टीम ने बिना देरी किए रात में ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। रात के समय ठंड और अंधेरे के बावजूद कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए टूटे हुए हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी। पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम ने अतिरिक्त उपकरण और मशीनरी बुलाकर रेलिंग को मजबूती से पुनः स्थापित किया। पूरी टीम ने घंटों मेहनत कर देर रात तक कार्य को पूरा किया, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते टाला जा सका।

स्थानीय नागरिकों ने NHAI-27 की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि विभाग के इंग्लेश शर्मा प्रबंधक उरई बारा परियोजना ने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत सक्रियता दिखाई है। लोगों का कहना है कि इस तरह की रात में की गई कार्यवाही से यह साबित होता है कि विभाग आपात स्थितियों में हमेशा सजग रहता है।

व्यापारियों और ग्रामीणों ने बताया कि पुराना यमुना पुल उम्रदराज होने के कारण समय-समय पर इसमें रखरखाव की आवश्यकता रहती है। उन्होंने मांग की कि पुल की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने और यातायात सुरक्षित बना रहे।

कुल मिलाकर, पुराने यमुना पुल पर टूटी रेलिंग की मरम्मत कर NHAI-27 टीम ने जो तत्परता दिखाई, उसकी पूरे क्षेत्र में प्रशंसा की जा रही है। देर रात किया गया यह सुधार कार्य निश्चित रूप से सराहनीय और प्रशंसनीय कदम है।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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