रसूलाबाद कानपुर देहात ।बांदा कृषि विश्वविद्यालय के शोध छात्र देवेन्द्र सिंह को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही कृषि राज्य मंत्री औलख सिंह एवं कृषि निदेशक द्वारा लखनऊ स्थित कृषि भवन में आयोजित कृषि वैज्ञानिक संवाद एवं कृषि गोष्ठी में प्रदान किया गया।
देवेन्द्र सिंह मृदा विज्ञान विभाग के शोध छात्र हैं और रसूलाबाद ब्लॉक के ग्राम महबूबपुर के निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में समेकित पोषक प्रबंधन के महत्व और मृदा स्वास्थ्य की देखभाल पर केंद्रित किया। उन्होंने किसानों को आगाह किया कि लगातार रसायनिक उर्वरकों के अतिशय उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों का असंतुलन बढ़ रहा है जिसके समाधान के लिए आईएनएम ही एक वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीका है।
उन्होंने बताया कि समेकित पोषक प्रबंधन में जैविक खाद रासायनिक खाद और बायोफर्टिलाइजर का संतुलित उपयोग होता है जिससे मिट्टी का दीर्घकालिक उर्वरता और स्वास्थ्य बना रहता है। गोबर की खाद वर्मीकम्पोस्ट जैसे जैविक खाद मिट्टी की संरचना और जल धारण क्षमता बढ़ाते हैं और जड़ों के विकास में मदद करते हैं।
देवेन्द्र सिंह ने कहा कि अगर किसान देश की रीढ़ है तो मिट्टी उस रीढ़ की शक्ति है।
इस सम्मान से देवेन्द्र सिंह के शोध कार्य को प्रदेशभर में सराहा गया जो किसानों के लिए वैज्ञानिक और पर्यावरण-सम्मत खेती के मार्गदर्शन का एक उत्कृष्ट उदाहरण











