कानपुर देहात, दिनांक 05 दिसंबर 2025
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने आगामी दिनों में संभावित शीतलहर (Coldwave), कोहरे, अत्यधिक ठंड, पाले तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट को ध्यान में रखते हुए जनपद के समस्त विभागों को उच्च सतर्कता मोड में रहने, सभी संसाधनों को सक्रिय करने और आमजन के जीवन की सुरक्षा हेतु ठोस उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में जनपद में ठंड का प्रकोप, घना कोहरा, दृश्यता में भारी कमी तथा ठिठुरन में वृद्धि की संभावना व्यक्त की गई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी नागरिक को ठंड, कोहरे या पाले की वजह से किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा संकट की स्थिति में समयबद्ध सहायता उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन इकाई, स्वास्थ्य, कृषि, नगर निकाय, पंचायत राज, विद्युत, पशुपालन, परिवहन, पुलिस, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, जल निगम एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय कर विस्तृत योजना लागू करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि नगर निकाय एवं ग्राम पंचायतें सभी प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पतालों, बाजारों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था करें। रैन-बसेरों एवं अस्थायी आश्रय स्थलों में गर्म कपड़े, कंबल, गर्म पानी, उचित प्रकाश व्यवस्था तथा चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निराश्रित, वृद्ध, असहाय एवं बेसहारा लोगों को शीतलहर से बचाने हेतु टीमों का गठन कर रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति खुले में न रहे। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं, हीटर, गर्म बिस्तर, इमरजेंसी सेवाओं तथा एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करें। वृद्धजन, गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं गंभीर रोगियों के लिए विशेष सतर्कता आवश्यक है। फ्लू, निमोनिया, हाइपोथर्मिया, वायरल संक्रमण तथा अन्य शीतजनित बीमारियों के उपचार हेतु दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कृषि एवं उद्यान विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को पाले व ठंड से फसलों को बचाने हेतु आवश्यक सलाह तत्काल जारी की जाए। किसानों को सिंचाई, मल्चिंग, हल्का धुआँ करने, फसल संरक्षण के वैज्ञानिक उपायों तथा कृषि विश्वविद्यालयों/कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा जारी एडवाइजरी से अवगत कराया जाए। पशुपालन विभाग को पशु आश्रय स्थलों में बिछावन, तिरपाल, पानी, भूसा, टीकाकरण और गर्माहट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पशु अत्यधिक ठंड में बीमार पड़ते हैं, इसलिए पशुपालकों को भी जागरूक किया जाए। पुलिस एवं यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि कोहरे के दौरान समस्त मुख्य मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाए, चालकों को Slow Speed में वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा Headlights और Fog Lights का अनिवार्य पालन सुनिश्चित कराया जाए। जहां दृश्यता अत्यधिक कम हो, वहां आवश्यकता अनुसार डायवर्जन लागू किए जाएँ। परिवहन विभाग को यातायात सेवाओं में सुरक्षा सलाह जारी करने एवं यात्रियों को देरी, दृश्यता की स्थिति और सावधानी संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को सभी फॉल्ट, ढीले तार, ट्रांसफार्मरों की स्थिति की समीक्षा कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, विशेषकर अस्पतालों, जल निगम, रैन बसेरों एवं प्रमुख स्थलों पर बैकअप व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। नगर निकायों को पेयजल आपूर्ति में रुकावट न होने देने और पाइपलाइन/मोटर की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की की मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान दें, सिर–पैर ढक कर गरम कपड़े पहनें, आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें, ठंड से प्रभावित व्यक्तियों की सहायता करें, कोहरे में धीमी गति से वाहन चलाएं, हेलमेट/सीट बेल्ट का उपयोग करें, घर में बुजुर्गों व बच्चों को विशेष सुरक्षा दें, पशुओं को बंद स्थान में रखें और रात में अलाव के पास सावधानी बरतें अथवा कोहरे में तेज गति से वाहन न चलाएं, बिना हेडलाइट के वाहन सड़क पर न निकालें, सड़क पर अनावश्यक रुकावटें न लगाएं, गीली/कूड़े वाली लकड़ी से अलाव न करें, ठंड में अकेले बाहर न निकलें, बच्चों तथा बुजुर्गों को खुले में न छोड़ें, पाले से जमी सड़क पर वाहन तेज गति से न चलाएं और आपात स्थिति को कभी अनदेखा न करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर अधिकतम सतर्कता बरतें, जनहित से संबंधित कार्यों की निरंतर निगरानी करें, किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करें तथा जनपद में शीतलहर से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान को रोकने के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वाेपरि है और प्रशासन हर संभव सहायता तथा सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह तत्पर है।











