🔸अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त आला कत्ल चाकू, मोटरसाइकिल, मृतक राजाबाबू का लूटा हुआ मोबाइल फोन, 01 लाख रुपये नगद, अन्य मोबाइल फोन तथा तांत्रिक क्रिया हेतु प्रयुक्त नीबू/कलावा बरामद।
जनपद कानपुर देहात में अपराध नियंत्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व खुलासे हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 27.11.2025 को वादी श्री संतराम पुत्र स्व0 गेंदालाल राजपूत निवासी ग्राम अरसदपुर थाना शिवली जनपद कानपुर देहात मो0नं0 9278472864 उम्र करीब 55 वर्ष द्वारा थाना शिवली पर दी गई तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 371/2025 धारा 103(1)/238(क) बीएनएस पंजीकृत किया गया था । मुकदमा उपरोक्त की विवेचना के क्रम में साक्ष्यों/तथ्यों के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में धारा 309(6)/317(2) बीएनएस की बढोत्तरी करते हुए नामजद अभियुक्त नीलू पुत्र विनोद कुमार गौतम उर्फ छोटे निवासी बिहारीपुरवा थाना शिवली जनपद कानपुर देहात उम्र करीब 25 वर्ष को मुखबिर की सूचना पर दिनाँक 29.11.2025 को समय करीब 11.55 बजे शिवली से ग्राम हरदियानाला को जाने वाली रोड पर करीब 01 किमी दूर थाना क्षेत्र शिवली जनपद कानपुर देहात से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त नीलू उपरोक्त की निशांदेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल चाकू, मोटरसाइकिल, मृतक राजाबाबू का लूटा हुआ मोबाइल फोन, मृतक राजाबाबू से लूट हुए 01 लाख रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त मोबाइल व तांत्रिक क्रिया हेतु प्रयुक्त नीबू/कलावा बरामद हुआ। गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष नियमानुसार प्रस्तुत किया जायेगा।
गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-
1- नीलू पुत्र विनोद कुमार गौतम उर्फ छोटे निवासी बिहारीपुरवा थाना शिवली जनपद कानपुर देहात उम्र करीब 25 वर्ष ।
पूछताछ का विवरण- पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि मैं करीब 01 वर्ष से राजाबाबू को जानता पहचानता हूँ। राजा बाबू से मेरी मुलाकात नीरज राजपूत निवासी पंचमपुरवा थाना शिवली कानपुर देहात, जिसकी ससुराल ग्राम राजाबाबू के गांव अरसदपुर में है, के द्वारा हुई थी। राजाबाबू अपने गांव की लडकी से प्रेम करता था और शादी करना चाहता था, जिसकी शादी अप्रैल 2025 में हो गयी थी । तब से राजाबाबू बहुत परेशान रहने लगा और उसको पाने के लिए तमाम तंत्रक्रिया कर वशीकरण करने वाले लोगों से मिला, जब उसे पता चला कि मैं भी भगत हूँ और वशीकरण क्रिया करता हूँ, तो वह मेरे पास आया और उसने उस लड़की को अपने वश में करने के लिए मुझसे पूजा पाठ करने के लिये कहा तो मैंने करीब 04 माह पहले उससे करीब 36 हजार रुपये लिये और तंत्र-मंत्र करने कर वशीकरण करने को कह कर उसका पैसा ले लिया। इसी बीच वह लड़की और उसके पति के मध्य कुछ घरेलू विवाद हो गया तो वह लड़की अपने मायके अरसदपुर आ गयी, तब राजाबाबू ने मुझसे पूछा कि तुमने वशीकरण की कुछ क्रिया की है तो मैने हां कह दी तो और उसे यकीन हो गया कि मेरे द्वारा किये गये तंत्र मंत्र से ही लड़की वापस गांव आयी है। लेकिन कुछ दिन में ही पति पत्नी के मध्य का विवाद सुलझ गया और वह लड़की फिर से अपनी ससुराल चली गयी तो राजाबाबू बहुत परेशान होने लगा और उसने मुझसे सम्पर्क किया तथा फिर से वशीकरण क्रिया करने के लिए कहने लगा तब मैंने इसको बताया कि उसके पति ने भी उस लड़की पर वशीकरण की क्रिया करायी है। इस बार वशीकरण की क्रिया करने में ज्यादा खर्चा आयेगा और मैंने उसे 6 लाख रुपये खर्च होने की बात बतायी तो वह पैसे की मजबूरी बताने लगा और बोला कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं, मैं करीब 01 लाख रुपये तक खर्च कर पाऊगां तो मैंने मना कर दिया कि मैं नहीं कर पाऊगां। 2-3 दिन बाद फिर से उसका फोन आया और बोला मैं 02 लाख रुपया तक खर्च कर दूंगा तुम तंत्र क्रिया कर दो तब मेरे मन में लालच आ गया और मैंने उससे कहा कोई बात नहीं तुम मेरे दोस्त हो तुम 02 लाख रुपये का इन्तजाम करके मुझे बताओ कुछ पैसा मैं लगाकर तुम्हारा काम कर दूँगा । दिनांक 24.11.2025 को सुबह करीब 10 बजे राजाबाबू का मेरे पास फोन आया कि मैंने पैसा कर लिया है आज वशीकरण की क्रिया कर दो तो मैंने उससे कहा कि लड़की की शादी के पहले की एक फोटो व शादी के बाद की एक फोटो लेकर आ जाना शेष सामग्री मैं लेता आऊगां। करीब 03.30 बजे उसने मुझे फोन किया तो उसने कहा कि कहाँ पर आ जाऊ तो मैंने उससे ग्राम औनहां नुनारी बहादुरपुर पर शाम 05.30 बजे मिलने के लिये कहा और तय समयानुसार मैं भी वहां पहुंच गया फिर हम दोनों लोग भेवान पर मिले और अंग्रेजी ठेका औनहां पर आये तथा वहां से 18.00 बजे 03 ट्रेटा क्वार्टर खरीदे उसके बाद औनाहां में ही मिठाई की दुकान पर जाकर 5 प्रकार की मिठाईयां पूजा पाठ के लिये 60 रुपये की खरीदीं और अपनी-अपनी मोटरसाइकिल से सैयद बाबा मजरा पहुंच गये। शेष सामग्री का सामान जिसमें नीबू, कलावा मैं अपने साथ ही लाया था, सैयद बाबा मजार से अन्दर करीब 150 मीटर ऊसर खेत में आ गये वहां बैठकर हम दोनों ने एक क्वार्टर शराब पी उसके बाद मैंने राजाबाबू से कहा कि कितना पैसा लाये हो तो उसने कहा की मैं 1.50 लाख का इन्तजाम कर पाया हूँ मुझे पैसे की जरुरत थी तो न नकुर करके क्रिया करने के लिये तैयार हो गया तब एक कागज पर मैं राजाबाबू के समाने ही लिखा कि गुडिया मेरी जिन्दगी है, मैं अपनी जिन्दगी दांव पर लगा रहा हूँ। मैंने 1.50 लाख रुपये उसके पीछे लगा दिया है ऐसी बातें लिखकर मैंने राजाबाबू से लड़की की फोटो लेकर उसी कागज में चिपकाकर राजाबाबू से कहा कि क्रिया करने के पहले देवताओं का आह्वान करना पडता है और ये सब लिखाना पडता है। फोटो चिपकाकर मैंने वह कागज अपने पास रख लिया और वहां से थोडा हटकर घास फुस की आड़ में बैठकर पूजा पाठ करने का बहाना किया और फिर बची हुई 02 क्वार्टर हम दोनों ने पी लिये। फिर राजा बाबू ने अपने पास से मैजिक मुमेन्ट का 01 क्वार्टर ओर निकाला जिसे मैंने नहीं पिया और राजा बाबू को पिला दिया जिससे वह भयंकर नशे में हो गया और उल्टी करके वहीं गिर गया तो मौका पाकर मैंने अपने पास रखे चाकू जिसे मैं अपने साथ लेकर गया था, से उसके सीने पर कई वार किये और उस लडकी के फोटो लेके उस कागज को उसकी छाती पर रख दिया और 02 ब्लैड पर उसका खुन लगाकर वहीं फेक दिये, जिसे सभी लोग यह समझे की राजाबाबू ने आत्महत्या की है और उसकी मोटर साइकल पल्सर उसके ऊपर गिराकर उसका फोन, पैसे व बैग जिसमें उसके कागजात थे, लेकर अपनी मोटरसाइकिल से वहां से चला गया। इसके बाद मैं शिवली होता हुआ बिकरू से सकरेज पहुंचा जहां पहुंचकर तिराहे पर मैंने पूजा सामग्री के नीबू कलावा वहीं सडक के किनारे गड्डे में भरे पानी में फेक दिये और उसका मोबाइल तोड़कर सिम निकालकर मोबाइल समेत उसी गड्डे में फेंक दिया तथा जिस चाकू से मैंने राजाबाबू की हत्या की है, वह मैंने वही झाडियों में फेक दिया है । उसके बाद वहीं पास में ही सडक के किनारे उसके बैग से 1.50 लाख रुपये निकालकर बैग एवं बैग में रखा सामान जलाकर राख कर दिया और अपने घर चला गया दूसरे दिन सुबह लीवर की दवाई बन्धवाने के बहाने ग्राम नयापुरवा आकर राजाबाबू की जानकारी लेकर कानपुर चला गया था जहां 50 हजार रुपये का जुआ खेल लिया जो में हार गया। जब मुझे पता चला कि राजाबाबू के घर वालों ने मेरे खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है तब मैंने अपना फोन बन्द करके सिम निकालकर फेंक दी थी। अगर आप मुझे लेकर चलें तो जिस स्थान पर मैंने उसका बैग जलाया है व मोबाइल फेंका है व नीबू कलावा फेंका है तथा जिस चाकू से मैं राजाबाबू की हत्या की है वह मैंने वहीं झाडियों में फेंक दिया है











