कानपुर देहात
जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन व मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन0 के मार्गदर्शन में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 सुबोध कुमार ने बताया कि नवीन चारा नीति के तहत गोआश्रय के पशुओं को हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। शासन की तरफ प्रत्येक तहसीलों में नेपियर सीड बनाने का निर्देश दिया गया। इसकी स्थापना करने वाले किसानों को नेपियर की जड़ निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही प्रति हेक्टेयर अनुदान भी दिया जाएगा। पशुओं को स्वस्थ्य रखने और पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए चारा नीति में बदलाव किया गया है। नवीन चारा नीति लागू होने के बाद जिले के छः तहसीलों में सीड बैंक बनाया जाएगा। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत छः तहसीलों से 15 लोगों का चयन किया जाना है। इन लाभार्थियों के चयन के लिए चार सदस्य की समिति का गठन किया गया है। इसमें सीडीओ को समिति का अध्यक्ष एवं मुख्य पशु अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, उपनिदेशक कृषि, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सदस्य नामित किया गया है। नेपियर सीड बैंक बनाने वाले लाभार्थी को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। साथ ही विभाग की तरफ से प्रथम वर्ष नेपियर की जड़ सशर्त निश्शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि दूसरे वर्ष लाभार्थी दो गुना नेपियर की जड़ वापस लौटा सके। इस योजना के जुड़ने के लिए लाभार्थी के 0.2 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि का होना अनिवार्य किया गया है। किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए निकटतम पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्साधिकारी से 05 दिसम्बर से पहले संपर्क करें। वर्तमान में जनपद को 3 हेक्टेयर में रोपाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। नेपियर घास की फसल अन्य फसलों से भिन्न है। इसे एक बार रोपाई करने पर कम से कम तीन वर्षों तक फसल ली जा सकती है।











