उरई। ‘‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’’ के तहत शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में राजेश कुमार वर्मा सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) झाँसी के नेतृत्व में जनपद जालौन में स्कूली वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया गया, जिसमें मोटर वाहन अधिनियम एवं सम्बन्धित नियमावलियों में निहित प्राविधानों तथा उच्च न्यायालय एवं शासन द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों के अनुसार छात्राओं को घर से विद्यालय लाने एवं ले जाने वाले सभी स्कूली वाहनों में एक महिला परिचर/सहायक की उपस्थिति अनिवार्य है। उच्च न्यायालय तथा शासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा और संरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रावधान का कड़ाई से अनुपालन कराने पर लगातार जोर दिया जा रहा है, जिसके तहत दिनांक 14 सितम्बर 2026 से 19 सितम्बर 2026 तक (06 दिवसीय) विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान को और अधिक बल देने के उद्देश्य से राजेश कुमार वर्मा सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) झाँसी जनपद जालौन में उपस्थित होकर स्कूली वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही कराई। अभियान के तहत राजेश कुमार वर्मा सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) झाँसी व राजेश कुमार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)जालौन एवं आनन्द राय कुरील यात्रीकर/मालकर अधिकारी जालौन द्वारा मार्ग पर स्कूली वाहनों की चेकिंग की गयी व चेकिंग के दौरान नियम विरुद्ध संचालित अनेकों वाहनों के चालान किए गये तथा 01 वाहन को निरुद्ध किया गया।
राजेश कुमार वर्मा सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) झाँसी व राजेश कुमार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) जालौन द्वारा एस०आर० स्कूल, कालपी रोड उरई, जनपद-जालौन में विद्यालय प्रबन्धन के सहयोग से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं व वाहन चालकों/परिचालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरुक किया गया एवं छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर एस०आर०पब्लिक स्कूल के प्रबन्धक अशोक कुमार राठौर व प्रधानाचार्या समस्त स्टाफ सहित उपस्थित रहीं।
परिवहन विभाग जनपद जालौन जनपद में संचालित समस्त विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्यों से अपील करता है कि छात्राओं को ले जाने वाले प्रत्येक वाहन में अनिवार्य रुप से एक प्रशिक्षित महिला परिचर/सहायक की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा तैनात की जाने वाली महिला परिचर का पुलिस सत्यापन (Police Verivication) एवं महिला परिचर से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण विद्यालय अभिलेखों में सुरक्षित रखा जाए। साथ ही जब तक वाहन में अन्तिम छात्रा मौजूद रहती है, तब तक महिला परिचर का वाहन में रहना अनिवार्य होगा। यदि भविष्य में औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी वाहन में आवश्य प्रपत्रों एवं इस नियम का उल्लंघन पाया जाता है, तो वाहन के विरुद्ध कार्यवाही के साथ-साथ सम्बन्धित विद्यालय प्रबन्धन/प्रधानाचार्य के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसका समस्त उत्तरदायित्व सम्बन्धित विद्यालय के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य का होगा।












