पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय संविधान के निर्माण पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन था। इन फिल्मों के माध्यम से रिक्रूट आरक्षियों को संविधान सभा, बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान और संवैधानिक सिद्धांतों की गहन जानकारी दी गई।
शिक्षकों ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि एक पुलिस अधिकारी की सर्वोपरी जिम्मेदारी संविधान का पालन करना और उसके मूल्यों की रक्षा करना है। यह कार्यक्रम प्रशिक्षुओं को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करते समय संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देने में सफल रहा।











