जनपद कानपुर देहात पुलिस ने भारतीय संविधान के अंगीकरण की 75वीं वर्षगांठ (संविधान दिवस) के उपलक्ष्य में आज पूरे जनपद में व्यापक एवं उल्लासपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस बल के प्रत्येक जवान को संविधान में निहित मूल्यों के प्रति पुनः प्रतिबद्ध करना था।
मुख्य कार्यक्रम: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ऐतिहासिक शपथ-
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कानपुरर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक महोदया ने स्वयं संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया और समस्त उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक सुर में इसे दोहराते हुए संविधान के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और देश की अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा करने की शपथ ली।
महोदया ने अपने संबोधन में कहा, “संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की जीवंत आत्मा है। इसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांत प्रत्येक पुलिसकर्मी के लिए मार्गदर्शक स्तंभ हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम अपने दैनिक कर्तव्यों के निर्वहन में इन आदर्शों को सदैव अग्रणी रखें।”
पुलिस लाइन में सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन-
इसी क्रम में, जनपद की पुलिस लाइन में एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। प्रतिसार निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने एक साथ खड़े होकर सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। यह दृश्य अत्यंत ही प्रेरणादायक एवं मनमोहक था, जिसने पुलिस बल की एकजुटता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
जनपद के समस्त थानों में फैला संविधान का संदेश-
इस अभियान को व्यापक बनाते हुए जनपद के समस्त थानों एवं चौकियों पर भी यह कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। प्रत्येक थानाध्यक्ष ने अपने-अपने थाना क्षेत्र के समस्त पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर सामूहिक प्रस्तावना वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया। इससे जनपद के कोने-कोने में संविधान दिवस का संदेश पहुँचा और पुलिस बल के हर सदस्य ने इसमें भागीदारी की।
कार्यक्रम का महत्व एवं उद्देश्य:-
1. पुलिस बल को उनके संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना।
2. सेवा कार्यों के निष्पादन में नागरिकों के मौलिक अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना।
3. “सेवा, निष्ठा और करुणा” के पुलिस आदर्श वाक्य को संवैधानिक आदर्शों के साथ जोड़ना।
4. पुलिस-जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करना।
इस व्यापक आयोजन ने जनपद कानपुर देहात की पुलिस में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिकता थी, बल्कि संविधान में निहित लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति पुलिस बल की वचनबद्धता को दोहराने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।











