डीएम के निर्देश पर औषधि विभाग की कार्रवाई, 08 औषधियों के नमूने जांच के लिए भेजे गए
जालौन। प्रदेश में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर दवाओं की बिक्री, नकली, अधोमानक, मिलावटी एवं एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर औषधि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया गया। औषधि निरीक्षक एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की रेखा सचान के नेतृत्व में उरई शहर स्थित मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर औषधियों की गुणवत्ता, मूल्य एवं बिक्री अभिलेखों की गहन जांच की गई। अभियान के दौरान पटेल नगर, उरई स्थित श्री कृष्णा मेडिकल स्टोर तथा ॐ साई मेडिकल स्टोर (उर्मिला हॉस्पिटल द्वारा संचालित) का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कुल 08 औषधियों के नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। श्री कृष्णा मेडिकल स्टोर पर THM-100 Tablet (Thiamine Hcl Tab.) निर्धारित मूल्य से अधिक पर विक्रय किया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त नारकोटिक्स श्रेणी की नींद में प्रयुक्त होने वाली औषधियों के विक्रय संबंधी विवरण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। औषधि विभाग द्वारा सभी संबंधित औषधि विक्रय फर्मों को नारकोटिक्स एवं अन्य नियंत्रित औषधियों के विक्रय का पूरा विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि संग्रहित नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर की जा रही इस कार्रवाई का उद्देश्य जनपद में आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निर्धारित मूल्य पर औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा दवाओं की अवैध बिक्री एवं अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है।











