कानपुर देहात। जिला उद्यान अधिकारी डॉक्टर बल्देव प्रसाद ने बताया कि शीतग्रहों में भण्डारित आलू की निकासी तेज कराये जाने तथा किसानों को राहत दिये जाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा आलू भण्डार प्रभार में छूट तथा बाजार भाव गिरने की स्थिति में पात्र आलू उत्पादकों को राहत दिये जाने के उद्देश्य से भण्डार प्रभार अनुदान तथा भामाशाह भाव स्थिरता कोष नाम से योजना संचालित की गयी है। दोनों योजनाओं का लाभ लेने हेतु नव विकिसत पोर्टल www.potato.uphorticulture.in पर कृषक अपना पंजीकरण जन सेवा केन्द्र अथवा स्वयं कर सकते हैं। पंजीकरण के समय खसरा खतौनी, आधार सीडिड मोबाइल नम्बर, बैंक पासबुक अथवा निरस्त चेकबुक की छायाप्रति तथा आलू भण्डारण (तकपट्टी) निकासी एवं विक्रय रसीदें को अपलोड किया जाना आवश्यक है। कृषक के आवेदन के फलस्वरूप सम्बन्धित कोल्ड स्टोरेज द्वारा कृषकों द्वारा आवेदित अभिलेखों का परीक्षण कर आगे की स्वीकृत हेतु जिला उद्यान अधिकारी को सस्तुति किया जायेगा तथा जिला उद्यान अधिकारी द्वारा समस्त अभिलेखीय परीक्षण के उपरान्त अनुमन्य लाभ का अन्तरण डी०बी०टी० के माध्यम से कृषक के खाते में किया जायेगा।
भण्डार प्रभार पर रू0 100 प्रति कुन्टल की दर से अधिकतम 200 कुन्टल या रू० 20000.00 का अनुदान देय है। योजना के लिये अधिकतम क्षेत्रफल 2.00 हे० है। पंजीकरण कराने वाले कृषकों को उक्त योजना के अतिरिक्त विभागीय आलू बीज पर मिलने वाल अनुदान का लाभ भी आनलाइन पंजीकरण कराने की स्थिति में प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर मिल सकेगा। अधिक जानकारी के लिये जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय अथवा सम्बन्धित शीतग्रह से सम्पर्क कर सकते हैं।












