प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा पर विस्तार से रखे विचार
जालौन। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद जालौन के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों की विकास, विश्वास, सुशासन और जनकल्याण की यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से प्रारंभ हुई यह यात्रा केवल सरकार के कार्यकाल की कहानी नहीं, बल्कि एक नए भारत के निर्माण का सशक्त अध्याय है, जिसने देश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का कार्य किया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया, वर्ष 2019 में और अधिक बहुमत देकर उस विश्वास को मजबूत किया तथा वर्ष 2024 में लगातार तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री चुनकर यह सिद्ध कर दिया कि देश अब केवल वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों और कार्यों पर विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि जनता के इसी अटूट विश्वास के कारण आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) देश के 22 राज्यों में जनसेवा का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार शपथ लेने के बाद सबसे पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की फाइल पर हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि गरीब, किसान, युवा और महिलाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र आज जन-जन का मंत्र बन चुका है और सरकार की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि बीते वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा लाखों फर्जी लाभार्थियों को हटाकर लगभग 4.31 लाख करोड़ की राशि गलत हाथों में जाने से बचाई गई है। उन्होंने कहा कि आज भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और सर्जिकल स्ट्राइक तथा एयर स्ट्राइक जैसी निर्णायक कार्रवाइयों ने दुनिया को नए भारत की ताकत का परिचय कराया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के चलते देश का रेड कॉरिडोर अब ग्रीन ग्रोथ जोन में परिवर्तित हो रहा है।जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के खाते हैं। कोरोना काल से लेकर अब तक 81 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से 58 करोड़ से अधिक लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन देकर धुएं से मुक्ति दिलाई गई है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया गया है तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से 57 करोड़ से अधिक बिना गारंटी ऋण वितरित किए गए हैं तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से 30 लाख से अधिक कारीगर लाभान्वित हुए हैं। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए 15 हजार करोड़ का बजट तथा धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 79 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है।किसानों के कल्याण पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को 4.3 लाख करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से 7 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग 10 लाख करोड़ का सस्ता ऋण उपलब्ध कराया गया है। किसानों के लिए ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12.75 लाख तक किया गया है। महिला सशक्तिकरण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं तथा सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 4.5 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं। सुरक्षा बलों में महिला अधिकारियों की संख्या 3 हजार से बढ़कर 11 हजार हो चुकी है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक करोड़ घरों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की गई है।विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मा0 प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास को एक सतत मिशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 8 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है, जिनमें लगभग 4 लाख किलोमीटर सड़कें पिछले 12 वर्षों में बनी हैं। इससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है, किसानों को बाजार तक पहुंच आसान हुई है तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ अभियान के अंतर्गत 109 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 91 हजार किलोमीटर से बढ़कर लगभग 1.46 लाख किलोमीटर हो चुका है तथा देश में प्रतिदिन लगभग 34 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा रहा है। चेनाब ब्रिज, नया पंबन ब्रिज और अटल टनल जैसी परियोजनाएं आधुनिक भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का 99.6 प्रतिशत से अधिक ब्रॉडगेज नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 1337 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वर्तमान में देशभर में 164 से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो आधुनिक और सुरक्षित भारत की पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश के केवल 5 शहरों में 248 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जो आज 26 से अधिक शहरों में 1095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। पिछले 12 वर्षों में 90 से अधिक नए हवाई अड्डों का निर्माण हुआ है और देश में हवाई अड्डों की संख्या 164 से अधिक हो गई है। उड़ान योजना ने आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि सौभाग्य योजना के माध्यम से प्रत्येक घर तक बिजली पहुंचाई गई है तथा भारतनेट परियोजना के तहत 2.14 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ा गया है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में 23 नए एम्स और मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी गई है तथा मिशन इंद्रधनुष के तहत 5.4 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ सरकार ने देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव को भी नई पहचान दी है। राजपथ का नाम कर्तव्य पथ किया गया, इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की गई, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पांच स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया तथा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नया संसद भवन, लोक कल्याण मार्ग, अमृत उद्यान, सेंगोल की स्थापना, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर द्वीपों का नामकरण नए भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। जनता कर्फ्यू, हर घर तिरंगा, एक पेड़ मां के नाम, फिट इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि वैक्सीन मैत्री अभियान के माध्यम से भारत ने 99 देशों की सहायता कर विश्व में एक भरोसेमंद मित्र की भूमिका निभाई है। जी-20 की सफल अध्यक्षता, 39 नए दूतावासों की स्थापना, ₹70 लाख करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा अनेक देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते भारत की बढ़ती वैश्विक साख के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि आज 177 देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति का परिचायक है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि 10 जून भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ते हुए भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को प्राप्त 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान तथा वैश्विक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है। प्रेसवार्ता के अंत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के विगत 12 वर्ष केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण की निरंतर यात्रा हैं, जिसे देश की जनता का विश्वास और सहभागिता निरंतर शक्ति प्रदान कर रही है।
इस अवसर पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह बीजीपी जिला अध्यक्ष उर्विजा दीक्षित आदि मौजूद रहे।












