बाढ़ से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा न मिलने से किसानों को रवी की फसल की बोनी करने के लिए लेना पड़ रहा है कर्ज
कालपी(जालौन)
तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में इसबार तीन बार आई बाढ़ ने खरीब की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। पीड़ित गरीब किसानों के आगे रवी फसल की तैयारी करने का भारी संकट आन पड़ा समय पर बौनी करने के लिए तमाम किसानों को कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे कराकर मुआवजा देने की घोषणा की लेखपालों द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट सोंप दी परन्तु अभी तक कुछ ही किसानों को मुआवजा मिला काफी संख्या में किसानो को अभी तक कोई मदद नहीं मिली । जिसके चलते गरीब किसान रबवी की फसल की बुवाई करने के लिए खाद बीज आदि के लिए साहूकारों से ब्याज पर पैसे लेने को मजबूर हैं।
आपको बताते चलें कि इस वर्ष 2025 में कालपी क्षेत्र में यमुना सहित सहायक नदियों मे एक बार नहीं तीन तीन बार भारी बाढ़ आई जिसके चलते इस क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांव में किसानों की खरीब की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का सर्वे कर हुए नुकसान के आधार पर मुआवजा देने का ऐलान किया। उक्त कार्य के लिए लेखपालों को लगाया गया जिन्होंने सर्वे कर अपनी रिपोर्ट संबन्धित को सोंप दी। इसके बाद मुआवजा भी मिला पर बहुत कम किसानों को अधिकांश किसान आज भी मुआवजे की आश कर रहे है ।पर अभी तक उनके हाथ खाली है । खरीब की फसल के नष्ट हो जाने से अधिकांश किसानों के आगे रवी की फसल के लिए जुताई बखराई खाद बीज का संकट आ गया है। कई किसान साहूकारों से महगे ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर हो गए है। पत्र के माध्यम से ऐसे पीड़ित किसानों की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है ।
जन संदेश 24












