कानपुर देहात। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति एवं उसके प्रभावी आकलन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नाइट ब्लड सर्वे का महत्वपूर्ण डॉ राहुल जोनल कोऑर्डिनेट , डिप्टी सीएमओ डॉ डी.के. सिंह , मारुति दीक्षित , जिला समन्वयक प्रेम सिंह कटियार , डीसी संतोषी के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद , एसीएमओ एस.एल. वर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य NBS (नाइट ब्लड सर्वे) के माध्यम से फाइलेरिया की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा सर्वेक्षण प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों—अकबरपुर, अमरौधा, राजपुर, संदलपुर, झींझक, रसूलाबाद, डेरापुर एवं मैथा—से आए लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, ई.एम. एम .आई. एवं बीसीपीएम ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नाइट ब्लड सर्वे की तकनीक, सैंपल कलेक्शन की विधि, माइक्रोप्लानिंग, माइक्रोफाइलेरिया की पहचान, डेटा संकलन एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। एन.बी.एस. सर्वेक्षण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सटीक आकलन एवं समयबद्ध कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है। NBS प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे कार्यक्रम की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार आएगा किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जय गोविन्द द्वारा सभी प्रतिभागियों को निर्देश दिये वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल का उपयोग करते हुए एन.बी.एस. के कार्य को पूरी जिम्मेदारी एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न करेंगे, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सके। इस दौरान एसीएमओ डॉ आशीष जी, डॉ डी.के. सिंह, डी.ओ. प्रज्ञा जी लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, ई.एम. आदि उपस्थित रहे।












