कानपुर देहात। जब पश्चिम एशिया मैं लड़ाई शुरू होती है या किसी देश का दूसरे देश से युद्ध शुरू होता है तो वहां से आयातित वस्तुओं की कीमत बढ़ जाती है या तो आ नहीं पाती है और अगर आती हैं तो महंगी में आती है जैसा कि मालूम हो ईरान और अमेरिका के अलावा अन्य देश जो इसमें शामिल हुए या नहीं हुए युद्ध का प्रभाव सब पर रहा भारत एक ऐसा देश है जहां विश्व के सभी देशों से कच्चे तेल के उपयोग में तीसरा स्थान रखता है लगभग 90 फ़ीसदी तेल आयात होकर आता है जिसका लगभग 60 फ़ीसदी होमुर्ज स्टैट पूरा करता है विगत कई महीनो से छिड़ी जंग के कारण जहां गैस डीजल व पेट्रोल के दाम सरकार ने बढ़ा दिए जबकि सरकार ने पांच राज्यों के चुनाव होने से पहले गैस और तेल संकट की संभावना से इनकार किया था वहीं चुनाव होने के तत्काल बाद बढ़ा दिये और कहा सोना न खरीदें तेल बचायें लोग सन्शय में रहै महंगाई पर और महंगाई का असर हो गया कांग्रेस जनो ने स्पष्ट रूप से कहा कि 2014 में कांग्रेस के बाद भाजपा सरकार बनने में नोटबंदी फिर कोरोना और अब उक्त युद्ध के असर से ऊर्जा संकट महगाई जबकि प्राकृतिक आपदाएं मुंह बाए हमेशा खड़ी रहती है ऐसी स्थिति में कांग्रेस जनों का यह मानना है कि सरकार को डीजल पेट्रोल गैस विद्युत आदि पर दाम नहीं बढ़ाना चाहिए इससे हर चीज बिना कुछ किए महंगी होगी। इन सब मामलों को लेकर कानपुर देहात के कांग्रेस जन राष्ट्रीय एवं प्रदेश कांग्रेस के आवाहन पर सरकार द्धारा तेल आदि पर दाम बढ़ाये जाने में जिला स्तरीय उच्च अधिकारी को विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस जनआज ज्ञापन सौंपेंगे । यह जानकारी अम्बरीष सिंह गौर अध्यक्ष जिला कांग्रेस कानपुर देहात में दी











