कानपुर देहात जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में मा० मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में जल जीवन मिशन के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा मिशन अंतर्गत संचालित परियोजनाओं के क्रियान्वयन, संचालन एवं अनुरक्षण की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 504 पेयजल परियोजनाएं हैं, जिनमें से 292 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। वर्तमान में 232 परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है तथा 62 गांवों में ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है । जिलाधिकारी ने शेष परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को नियमित एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि पेयजल की गुणवत्ता का समय-समय पर परीक्षण कराया जाए तथा सभी परियोजनाओं की सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि परियोजना निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता पर कराई जाए तथा परियोजनाओं के आसपास वृक्षारोपण कराया जाए। इसके अतिरिक्त सभी स्वास्थ्य केंद्रों को योजना से प्राथमिकता के आधार पर संतृप्त किए जाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एक्सियन, जल निगम द्वारा “Jal Sarathi App” के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह ऐप आमजन को जल जीवन मिशन से संबंधित सेवाओं को उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से नागरिक अपने क्षेत्र की पेयजल परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जलापूर्ति की स्थिति देख सकते हैं तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिकायत एवं सुझाव दर्ज कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे जल सारथी ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि पेयजल सेवाओं की निगरानी में जनसहभागिता बढ़े और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह ऐप पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम है। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 ए0के0 सिंह, एक्सियन जल निगम टी0आर0 कटारिया, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।













