जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि तकनीकी प्रबन्ध अभिकरण (एटीएमए) की गवर्निंग बोर्ड तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम)/एनएमएसए योजना की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति, कार्ययोजना एवं किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में उप कृषि निदेशक द्वारा निर्धारित एजेण्डे के अनुसार सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला कृषि कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। साथ ही एनएमएसए योजना के तहत गठित रेनफेड एरिया डेवलपमेंट (आरएडी) क्लस्टरों, प्राकृतिक खेती के क्लस्टरों तथा इनके माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए कार्ययोजना के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत किसानों को वितरित किए जा रहे बीजों पर दिए जा रहे अनुदान की भी जानकारी दी गई। बैठक में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग को कम करने के उद्देश्य से संचालित परम्परागत कृषि विकास योजना तथा प्राकृतिक खेती योजना के तहत गठित क्लस्टरों में कराए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा क्लस्टरों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को बीज एवं अन्य कृषि निवेशों की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। कृषि विभाग एवं संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश उपलब्ध हों और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र कृषकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों का अधिक से अधिक उपयोग बढ़ाया जाए। गोष्ठियों, कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।जिलाधिकारी ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार पर विशेष जोर देते हुए किसानों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रासायनिक कृषि पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। संबंधित अधिकारी क्लस्टर आधारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इनसे जोड़ें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर प्रखंड प्रथम, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड प्रथम, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव, कृषि विज्ञान केंद्र जालौन के अध्यक्ष डॉ. मो. मुस्तफा, संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषक उत्पादक संगठनों के निदेशक एवं सदस्य तथा प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।









