श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भावविभोर हुए श्रद्धालु
कालपी (जालौन)। भगवान वेद व्यास की नगरी कालपी धाम में श्रावण मास के पावन अवसर पर राधे गार्डन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा व्यास श्रीकृष्ण कान्त तिवारी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही कथा स्थल नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।
कथा व्यास ने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ा है, तब-तब भगवान ने अवतार लेकर अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना की है। मथुरा के राजा कंस के अत्याचारों से जब पृथ्वी त्रस्त हो उठी, तब देवकी और वसुदेव के यहां भगवान श्रीकृष्ण ने आठवें पुत्र के रूप में अवतार लिया। भगवान श्रीकृष्ण ने आगे चलकर कंस का वध कर अत्याचार से प्रजा को मुक्ति दिलाई।
उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार सदैव धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए होता है। त्रेता युग में रावण के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्रीराम ने अवतार लेकर रावण सहित अनेक राक्षसों का वध किया। इसी प्रकार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना के साथ मानव समाज को सत्य, प्रेम, करुणा और कर्तव्य का संदेश दिया।
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान कथा पंडाल में भक्ति गीतों और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया।
कथा के परीक्षित जयप्रकाश गुप्ता एवं उनकी पत्नी उमा गुप्ता के अलावा राजेंद्र गुप्ता, प्रेमकुमार गुप्ता, राजेश गुप्ता, नीलू मिश्रा, सन्नू बाजपेई, अशोक पांडे, सुनील शर्मा, अनिल गुप्ता, अम्बरीष अग्रवाल, सभासद राकेश सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
आर०एन०शुक्ला पत्रकार









