शिक्षामित्रों को सम्मान का बड़ा तोहफा, सरकार का ऐतिहासिक निर्णय

 

10,000 से 18,000 मानदेय, 1.43 लाख शिक्षामित्रों के जीवन में नई मजबूती—कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी

जालौन प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव माने जाने वाले शिक्षामित्रों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उनके मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित भव्य शिक्षामित्र सम्मान समारोह में मा0 मुख्यमंत्री जी ने यह घोषणा करते हुए मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 प्रतिमाह कर दिया, जो 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी है।
इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद जालौन के विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 घनश्याम अनुरागी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों में उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री जी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उपस्थित शिक्षामित्रों ने इस निर्णय का स्वागत किया और इसे अपने सम्मान एवं वर्षों के समर्पण की सार्थक पहचान बताया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद जालौन में कुल 821 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिन्हें अब तक 10,000 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त होता था, जो अब बढ़ाकर 18,000 कर दिया गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित करने का निर्णय भी लिया जा चुका है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का भी सशक्त कवच प्राप्त होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 घनश्याम अनुरागी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा और शिक्षकों के हित में ठोस और दूरदर्शी निर्णय ले रही है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके सम्मान और योगदान की सच्ची पहचान है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी तथा बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सरकार जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों की समस्याओं को समझती है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय शिक्षामित्रों के आत्मविश्वास और कार्यक्षमता दोनों को नई ऊंचाई देगा।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रयासरत थे और सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए यह बड़ा कदम उठाया है। इससे शिक्षामित्रों में नई ऊर्जा का संचार होगा और वे और अधिक समर्पण के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में जुटेंगे।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाना और उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ना सरकार की संवेदनशील और कल्याणकारी सोच का परिचायक है। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों से अपेक्षा की कि वे इस विश्वास को बनाए रखते हुए पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सक्रिय योगदान दें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, जिला विकास अधिकरी निशान्त पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश, एमएलसी प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी विधायक उरई प्रतिनिधि रविंद्र सिंह, संजीव उपाध्याय आदि सहित बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें