उरई। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित दो शैल्टर होम राठ रोड में संचालित ‘‘वृद्धाश्रम‘‘ एवं मु० लहरियापुरवा स्थित ‘‘आश्रय-गृह‘‘ का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बहुत बारीकी से व्यवस्थाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी कर्मचारीगण को दिये। न्यायिक अधिकारियों ने उक्त दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को जांचा-परखा।
सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड उरई में स्वैच्छिक संस्था शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था, एफ-473 गुजैनी रतनलाल नगर, कानपुर नगर के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 122 संवासी उपस्थित मिले। आश्रय गृह के हॉल में प्रवेश करने पर कई वृद्धजन श्रीमद्-भागवत कथा का श्रवण कर रहे थे। उपस्थित पंजिका के अनुसार रात्रिकालीन कर्मचारीगण एवं स्टाफ नर्स अर्चना को छोड़कर सभी कर्मचारीगण उपस्थित मिले। स्टाफ नर्स अर्चना के बारे में पूछे जाने पर प्रबन्धक द्वारा बताया गया कि स्टाफ नर्स अर्चना जिला अस्पताल में संवासियों के इलाज हेतु गयी हैं।
वृद्धाश्रम की संवासियों से पूछा गया कि उन्हे चाय-नाश्ता और सुबह-शाम का भोजन समय से मिल रहा है या नहीं, इस पर संवासियों द्वारा बताया गया कि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार मिल रहा हैं। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया गया, जिनसे संवासियों की चिकित्सा/प्राथमिक उपचार हेतु डिस्पेन्सरी में आवश्यक दवाओं के बारे में जानकारी ली गयी। पूछे जाने पर किसी भी संवासी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई।
इसके उपरान्त नगर पालिका परिषद उरई जनपद जालौन के सहयोग से मु० लहरियापुरवा में लखनऊ के एन०जी०ओ० द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न बिन्दुओं पर जांच-पड़़ताल की। निरीक्षण के समय आश्रय गृह में प्रबन्धक मौजूद नहीं मिली, जिनके बारे में पूछे जाने पर चौकीदार द्वारा बताया गया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिये अस्पताल गये हुये है। यहां की आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला। शेल्टर होम के कमरों का निरीक्षण करने पर खिड़कियां टूटी हुई मिली, जिससे किसी जहरीले कीट के अन्दर प्रवेश करने की आशंका बनी हुयी हैं। शेल्टर होम में अन्दर प्रवेश करने पर बनी हुई नाली भी टूटी हुई मिली जिसके बारे में सम्बन्धित से पत्राचार करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम सतीश चन्द्र द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनाली चन्द्रा शामिल रही तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन स्थान उरई के लिपिक शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे। इसके उपरान्त उ० प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश जालौन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन आज सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनाली चन्द्रा द्वारा जिले में कलैक्ट्रेट परिसर में संचालित वन स्टाप सेन्टर का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बहुत बारीकी से व्यवस्थाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी कर्मचारीगण को दिये।
सखी वन स्टाप सेन्टर, उरई में सेन्टर मैनेजर अंजना यादव, मनो-परामर्शदाता रागिनी, स्टाफ नर्स शारदा पाल सहित ड्यूटी पर तैनात समस्त कर्मचारी उपस्थित मिले।
सचिव, मनाली चन्द्रा ने महिला कल्याण विभाग जनपद जालौन द्वारा संचालित सखी वन स्टाप सेन्टर में महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हेतु विभिन्न हित धारकों एवं सेवा प्रदाताओं के साथ अभिमुखीकरण, परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस रिर्पोटिंग, रेस्क्यू सुविधा दिलाये जाने की समीक्षा की गयी। निरीक्षण के समय सेन्टर पर कोई भी पीड़िता मौजूद नहीं मिली, जिनकी सुरक्षा एवं उनके पुर्नस्थापन के सम्बन्ध में प्रबन्धक को दिशा-निर्देश दिये गये। जबकि एक पीड़िता को अदालत में पेशी के लिये विवेचक के साथ भेजा जा रहा था।
सखी वन स्टाप सेन्टर प्रशासन को सभी कमरों की प्रतिदिन सफाई कराने, सैनीटाईजेशन और कीटनाशक का छिड़काव तथा फॉगिंग कराने का निर्देश किया गया।













