मिट्टी के हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े आशीष कुमार
योजना: मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना वित्तीय सहायता: ₹4.00 लाख
कानपुर देहात के ग्राम अडवां निवासी आशीष कुमार पुत्र उमाशंकर परंपरागत रूप से माटीकला कार्य से जुड़े हुए हैं। सीमित संसाधनों के कारण पहले वे मिट्टी के बर्तन एवं अन्य माटीकला उत्पाद पारंपरिक तरीके से तैयार करते थे और परिवार के भरण-पोषण के लिए उनकी मासिक आय लगभग ₹18,000 से ₹20,000 तक थी। प्रतिभा और मेहनत होने के बावजूद आधुनिक मशीनरी एवं पर्याप्त पूंजी के अभाव में उनके व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं सीमित थीं।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना बनी बदलाव की मजबूत आधारशिला
आशीष कुमार की मेहनत और माटीकला के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत उन्हें वित्तीय सहायता का लाभ मिला। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय, कानपुर देहात के माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा, शाखा डीघ, मलासा, कानपुर देहात द्वारा ₹4.00 लाख का ऋण स्वीकृत/वितरित किया गया।
इस वित्तीय सहायता से आशीष कुमार ने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल जैसी आधुनिक सुविधाएं खरीदीं। आधुनिक तकनीक के जुड़ने से उनकी उत्पादन प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक तेज, सुगम, व्यवस्थित और आधुनिक हो गई। इससे न केवल उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आया, बल्कि उनके व्यवसाय का दायरा भी बढ़ा।
₹40,000–₹42,000 मासिक आय से बदली आर्थिक तस्वीर
योजना का लाभ मिलने के बाद आशीष कुमार की वर्तमान मासिक आय लगभग ₹40,000 से ₹42,000 तक पहुंच गई है। यानी उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 04 अन्य ग्रामीण लोगों को भी अपनी माटीकला इकाई में रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
इस प्रकार उनकी इकाई ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति विशेष आभार
“मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना ने मेरे पारंपरिक हुनर को नई दिशा और मेरे व्यवसाय को नई गति प्रदान की। योजना के माध्यम से मिली वित्तीय सहायता से मैं आधुनिक मशीनरी और सोलर पैनल आदि की व्यवस्था कर सका। आज मेरी आय पहले की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हो गई है और मैं स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य ग्रामीण लोगों को भी रोजगार दे पा रहा हूं। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष रूप से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के संकल्प को साकार करती यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सरकार की सही वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और लाभार्थी की मेहनत मिलकर पारंपरिक कारीगरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
प्रेरणा से आत्मनिर्भरता तक
आशीष कुमार की सफलता आज केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह माटीकला से जुड़े ग्रामीण कारीगरों के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना ने उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उसे एक सशक्त व्यवसाय का रूप दिया है।
एक ओर परंपरागत माटीकला की विरासत सुरक्षित हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है।









