कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और मारपीट के चलते महिला की मौत के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त लालू प्रसाद को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला 9 जुलाई 2022 का है। ग्राम हिम्मापुरवा निवासी लालू प्रसाद पर आरोप था कि उसने दहेज की मांग को लेकर वादी की बहन को प्रताड़ित किया और मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई थी। मामले में थाना गजनेर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर साक्ष्य जुटाए और 16 अगस्त 2022 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया गया।
12 अगस्त 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात की अदालत ने लालू प्रसाद को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना गजनेर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त को सजा दिलाई जा सकी।









