निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
• राजकीय सम्प्रेक्षण गृह निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश।
• जल जीवन मिशन की प्रगति का लिया जायजा, ग्रामीणों से प्राप्त किया फीडबैक
• जल सखियों के पुनः प्रशिक्षण एवं गुणवत्ता परीक्षण पर दिया जोर
• प्राथमिकता वाली योजनाओं में शिथिलता नहीं होगी स्वीकार : जी.एस. प्रियदर्शी
कानपुर देहात। आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग एवं जनपद कानपुर देहात के नोडल अधिकारी जी.एस. प्रियदर्शी द्वारा जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में जनपद में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सर्वप्रथम नोडल अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजनान्तर्गत निर्माणाधीन राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) न्याय बोर्ड भवन, जो बनास डेयरी के निकट माती में निर्माणाधीन है, का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त की क्षमता 100 बच्चों की है, जिसमें विधि-विवादित किशोरों को रखा जाएगा।नोडल अधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित समय-सीमा में परियोजना को पूर्ण करने पर विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में और गति लाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा परियोजना को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर परियोजना से संबंधित विवरण प्रदर्शित करने हेतु ड्राइंग बोर्ड लगाए जाने के भी निर्देश दिए।
इसके उपरांत नोडल अधिकारी द्वारा जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत विकास खण्ड मलासा की ग्राम पंचायत मुरलीपुर पेयजल योजना का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन नेटवर्क, ओवरहेड टैंक एवं परियोजना की समग्र प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। अधिकांश ग्रामीणों द्वारा नियमित जलापूर्ति पर संतुष्टि व्यक्त की गई। इसी क्रम में उन्होंने औचक रूप से एक लाभार्थी घसीटे के घर पहुंचकर फीडबैक प्राप्त किया, जहां संबंधित परिवार द्वारा बताया गया कि उन्हें नियमित रूप से पानी की आपूर्ति प्राप्त हो रही है तथा उन्होंने योजना के प्रति संतोष व्यक्त किया।
हालांकि, मौके पर उपस्थित कुछ अन्य ग्रामीणों द्वारा कुछ घरों तक पेयजल आपूर्ति न पहुंचने की शिकायत भी की गई। इस पर नोडल अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे कोई भी परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी द्वारा जल सखी से भी योजना के संचालन एवं जल गुणवत्ता परीक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने जल सखी द्वारा किए जा रहे जल परीक्षण का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल सखियों को एक बार पुनः प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे जल गुणवत्ता परीक्षण एवं जनजागरूकता संबंधी कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संपादित कर सकें।
नोडल अधिकारी जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।












