कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह के मार्गदर्शन में जनपद कानपुर देहात में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जमीनी स्तर पर उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से उप कृषि निदेशक कानपुर देहात हरिशंकर भार्गव एवं जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडे ने विकास खंड अकबरपुर के ग्राम ज्योतिष का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आईसीडीपी राइस (चावल) योजना के अंतर्गत धान फसल प्रदर्शन की लाभार्थी कृषक मिथलेश कुमारी पत्नी राम आश्रय के खेत का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित क्षेत्रीय कर्मचारी जगत ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषक को एक हेक्टेयर धान प्रदर्शन आवंटित किया गया है। कृषक द्वारा 15 जून को कृषि विभाग से निःशुल्क बीज प्राप्त कर एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में पीआर-126 प्रजाति की बुवाई की गई थी।
स्थलीय निरीक्षण में फसल की वानस्पतिक वृद्धि संतोषजनक पाई गई, हालांकि पौधों पर पत्ती लपेटक कीट का प्रभाव देखा गया। इस संबंध में अधिकारियों ने कृषक को इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एस.जी. का घोल बनाकर निर्धारित मानकों के अनुसार छिड़काव करने की सलाह दी, ताकि फसल को कीट प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सके।
इसी क्रम में प्राकृतिक खेती कार्यक्रम वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान प्रदर्शन के लाभार्थी कृषक राम बिहारी पुत्र श्री सीताराम के खेत का भी निरीक्षण किया गया। कृषक द्वारा 0.4 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पीआर-126 प्रजाति की बुवाई की गई है। निरीक्षण में फसल की स्थिति एवं प्रगति संतोषजनक पाई गई।
निरीक्षण के दौरान उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी ने क्षेत्रीय कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जिन कृषकों के प्रक्षेत्र पर फसल प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, उनका नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा किसानों को आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं समयानुकूल कृषि परामर्श उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक किसानों को उनका लाभ दिलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया जाए।
उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने उपस्थित किसानों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसलों का बीमा कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा, प्रतिकूल मौसम अथवा अन्य कारणों से फसल क्षति होने की स्थिति में यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है तथा उन्हें नियमानुसार क्षतिपूर्ति का लाभ प्राप्त होता है।
उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की अपील की।









