कानपुर देहात। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर जिले में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने और लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। अभियान के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 9 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि अत्यधिक रंग वाली करीब 30 किलो मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश लखनऊ और जिलाधिकारी कानपुर देहात के निर्देश पर हुई कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय राम अवतार सिंह ने किया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार पांडेय के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों दिनेश चंद्र और सुबोध कुमार की टीम ने विभिन्न स्थानों पर जांच की।
अकबरपुर ओवरब्रिज स्थित बालाजी भोजनालय एवं स्वीट हाउस से दूध, खोया, पनीर, चमचम मिठाई और बूंदी के लड्डू के नमूने लिए गए। रानियां के खानपुर खड़ंजा स्थित मामा स्वीट हाउस से पेड़ा और लड्डू के नमूने लिए गए।
फतेहपुर रोशनाई स्थित मुस्कान कश्यप मसाला केंद्र से धनिया पाउडर का नमूना लिया गया। यहां 48 किलो धान की भूसी का भंडारण भी मिला, जिसका नमूना लेकर उसे जब्त कर लिया गया। जब्त सामग्री की कीमत करीब 720 रुपये बताई गई।
सबसे बड़ी कार्रवाई गजनेर कस्बे में हुई, जहां अत्यधिक रंग वाली मिठाइयां खुले तौर पर बेची जा रही थीं। टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 30 किलो रंगीन खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करा दी। इसमें दिनेश कुमार की दुकान से 5 किलो रंगीन लड्डू, गुप्ता स्वीट हाउस से 10 किलो रंगीन लड्डू, महेंद्र कुमार की दुकान से 5 किलो लड्डू और 2 किलो रंगीन जलेबी तथा मां दुर्गा फास्ट फूड से 8 किलो रंगीन फिंगर शामिल हैं।
विभाग की ओर से लिए गए सभी 9 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त राम अवतार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूनों में किसी प्रकार की कमी या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अत्यधिक रंगीन मिठाइयों के सेवन से बचने और मिलावट की सूचना मिलने पर तत्काल खाद्य विभाग को जानकारी देने की अपील की।









