ऑपरेशन कायाकल्प के 19 पैरामीटर पर हुए कार्यों से सुविधाओं से समृद्ध विद्यालय, तकनीक से जुड़कर निखर रही बच्चों की प्रतिभा

 

विद्यालय में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, कक्षाओं में बच्चों से संवाद कर परखी शैक्षिक गुणवत्ता; नीम पर कविता और महापुरुषों पर सटीक जवाब से प्रभावित हुए जिलाधिकारी

जालौन। ऑपरेशन कायाकल्प योजनांतर्गत विद्यालयों में निर्धारित 19 पैरामीटर पर कराए गए कार्यों का रेंडम निरीक्षण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कंपोजिट उच्च माध्यमिक विद्यालय बघोरा-2 का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था मिली। विद्यालय की सभी कक्षाओं में टाइलीकरण का कार्य भी पूर्ण पाया गया। विद्यालय में स्मार्ट क्लास के माध्यम से भी पठन-पाठन कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को विषयों को सरल एवं रोचक ढंग से समझने में सहायता मिल रही है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से आधुनिक शिक्षण पद्धति से जुड़कर छात्र-छात्राओं का ज्ञान एवं बौद्धिक क्षमता विकसित हो रही है और वे विषयों को बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।
इसके उपरांत जिलाधिकारी कक्षा 4 एवं 6 में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के संबंध में जानकारी लेते हुए उनके पठन-पाठन एवं बौद्धिक ज्ञान को परखा। जिलाधिकारी ने गणित के सवाल हल कराए तथा बच्चों से पहाड़े सुने। विद्यार्थियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए। कक्षा में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पाठ पढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान एक छात्रा ने नीम के पेड़ के महत्व पर सुंदर कविता प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। “लहराता-बलखाता नीम, दिनभर हँसता-गाता नीम…” से शुरू हुई कविता में नीम के औषधीय गुणों, प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में इसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। छात्रा की प्रस्तुति पर जिलाधिकारी ने उसकी सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कक्षा में महापुरुषों के चित्र भी लगाए गए थे। जिलाधिकारी ने छात्राओं से चित्रों को देखकर महापुरुषों के नाम तथा उनके जीवन और योगदान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ सही उत्तर दिया। जिलाधिकारी ने बच्चों की प्रतिभा, ज्ञान और अभिव्यक्ति की सराहना की। कक्षा में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा ने खींचा ध्यान
कक्षा में छात्र-छात्राओं ने कला के माध्यम से गिलास और उसकी छाया की सुंदर आकृति उकेरी। बच्चों की बारीकी से की गई कलाकारी और कल्पनाशीलता ने उनकी रचनात्मक सोच को दर्शाया। सरल वस्तु को कलात्मक रूप देने की उनकी क्षमता ने कक्षा के शैक्षणिक वातावरण को और जीवंत बनाया। जिलाधिकारी ने बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को सराहा और उन्हें अपनी रुचियों को निरंतर निखारने के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि तकनीक आधारित शिक्षण का अधिकतम उपयोग करते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासा, रचनात्मकता और बौद्धिक क्षमता को निरंतर विकसित किया जाए। साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलता रहे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह आदि मौजूद रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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