कुठौंद (जालौन)। श्रावण मास के पावन अवसर पर कुठौंद नगर से महिलाओं द्वारा देवकली धाम के लिए प्रथम पैदल कांवड़ यात्रा श्रद्धा, सेवा और संकल्प के साथ निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र बम-बम भोले, हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयकारों से गूंज उठा।
समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से पूजा शुक्ला के नेतृत्व में महिलाओं ने कुठौंद बाजार स्थित भोले बाबा मंदिर से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। भगवा और पीले वस्त्रों में सजी कांवड़ यात्री महिलाएं हाथों में कांवड़ लेकर पैदल देवकली धाम के लिए रवाना हुईं। यात्रा के दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कांवड़ यात्रियों का विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शेरगढ़ घाट पर धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया तथा जलपान की व्यवस्था कराई। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कावड़ियों की सेवा की।
हिंदू धर्म में सावन मास के दौरान कांवड़ यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। कांवड़िया पवित्र नदी से जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के तहत महिलाओं ने यमुना तट पर स्थित देवकली धाम मंदिर पहुंचकर भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया।
यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी सराहनीय रही। पुलिस कर्मियों ने मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया।काबड़ यात्रा में पूर्व प्रधान नरेंद्र महंत, पूजा शुक्ला, विवेक भदौरिया, सीता देवी, कल्पना गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, श्रद्धालु एवं ग्रामीण शामिल रहे।
महिलाओं की इस प्रथम पैदल कांवड़ यात्रा को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
रिपोर्टर -अनूप मिश्रा









