कानपुर देहात। श्रावण मास और रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों में अत्यधिक रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ और जिलाधिकारी कानपुर देहात के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय राम अवतार सिंह के नेतृत्व में टीम ने कन्नौसी और सिठमरा क्षेत्र में छापेमारी की।
जांच के दौरान मिठाई कारोबारियों को खाद्य पदार्थों में अत्यधिक अथवा अखाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। कार्रवाई के दौरान रामलखन की मिठाई की दुकान से करीब 20 किलो रंगीन लड्डू और जलेबी, जिसकी अनुमानित कीमत तीन हजार रुपये थी, नष्ट कराई गई।
वहीं सिठमरा निवासी राजकुमार चौरसिया की दुकान से 15 किलो रंगीन लड्डू, जिसकी कीमत करीब 2250 रुपये, और पांच किलो रंगीन छेना, जिसकी कीमत करीब 1500 रुपये थी, नष्ट कराया गया। सिठमरा बाजार में ठेलों पर बिक रहे फिंगर चिप्स और रंगीन सोयाबीन को भी अत्यधिक रंग होने के कारण नष्ट कराया गया।
इसके अलावा जिलाधिकारी को मिली शिकायत के आधार पर मनेपुर, डेरापुर स्थित खोया निर्माण इकाई में खाद्य कारोबारी मुनेश कुमार के यहां से घी, दूध, रिफाइंड तेल और खोया के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। मौके पर करीब 11 किलो खोया, जिसकी अनुमानित कीमत 2750 रुपये थी, नष्ट कराया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य राम अवतार सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मिठाई विक्रेताओं को त्योहार के दौरान मिलावट और अखाद्य रंगों के इस्तेमाल से बचने की सख्त चेतावनी दी है।









