कानपुर। आज मोतीझील पार्क का माहौल एकदम अलग ही नज़र आया, जब ‘भारतीय रक्षक पार्टी’ के साथी सीधे धरातल पर पर्चे और स्टिकर लेकर जनता के बीच उतरे। नेताओं का वो पारंपरिक वाला भाषणबाज़ी का अंदाज़ यहाँ देखने को नहीं मिला; बल्कि कार्यकर्ताओं ने सीधे ऑटो चालकों और आम लोगों के पास बैठकर उनकी रोज़मर्रा की तकलीफों को समझा और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि यह पार्टी उन्हीं के हक़ की लड़ाई लड़ने आई है।
पार्टी की इस सादगी और साफ़ नीयत का जादू ऐसा चला कि ऑटो चालक भाइयों ने न केवल पार्टी को खुलकर अपना समर्थन दिया, बल्कि कई चालकों ने तो मौके पर ही पार्टी की सदस्यता का फ़ॉर्म भरकर कंधे से कंधा मिलाने का फ़ैसला कर लिया।
समाजसेवी अमित शुक्ला ने साफ़ शब्दों में कहा कि “हम खोखले वादे करने नहीं आए हैं।” पर्चे में निःशुल्क डॉक्टरी सलाह और निःशुल्क कानूनी परामर्श के डायरेक्ट मोबाइल नंबर छापे गए हैं, ताकि कानपुर का कोई भी नागरिक ज़रूरत के वक़्त एक कॉल पर सीधे प्रोफ़ेशनल एक्सपर्ट्स से मदद पा सके।
गली-मोहल्लों तक पहुँचेंगे फ़्री हेल्थ कैंप: डॉ. कुलदीप मिश्रा ने वादा किया कि जल्द ही पूरे कानपुर में जगह-जगह मुफ़्त स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, ताकि हर आम परिवार को बिना किसी खर्चे के बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
एक कॉल पर मुफ़्त कानूनी ढाल: एडवोकेट रूद्र सक्सेना ने भरोसा दिलाया कि कानूनी उलझनों और कचहरी के चक्करों से अब आम आदमी को घबराने की ज़रूरत नहीं है — बस एक फ़ोन कॉल कीजिए और मुफ़्त विधिक सलाह आपके पास होगी।
कानपुर की मिट्टी से जुड़ी इस पार्टी ने आज साबित कर दिया कि असली बदलाव मंचों से नहीं, बल्कि आम जनता के बीच खड़े होने से आता है। इस पूरे अभियान के दौरान कई समर्पित कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ डटे रहे।









