कानपुर देहात। वर्ष 2011 में वादी के भाई की गोली मारकर हत्या करने और झोले में रखे सोने-चांदी के जेवरात लूटने के मामले में कानपुर देहात न्यायालय ने 17 अगस्त 2026 को छह अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर अलग-अलग अर्थदंड भी लगाया है।
मामला थाना गजनेर से जुड़ा है। 7 जनवरी 2011 को पंकज सिंह, सत्यपाल सिंह, रमेश सिंह उर्फ गुड्डू, पप्पू उर्फ विजयनारायण, पप्पू मुसलमान उर्फ असलम और रामौतार उर्फ गुड्डन के खिलाफ वादी के भाई को गोली मारने, अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत होने तथा झोले में रखे सोने-चांदी के जेवरात लूटने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित करते हुए मामले में धारा 412 भादवि की बढ़ोतरी की और 27 अगस्त 2011 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया।
पुलिस के अनुसार, अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना गजनेर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप करीब 15 साल पुराने मामले में सभी छह अभियुक्तों को दोषसिद्ध किया गया।
माननीय एडीजे-03/विशेष न्यायाधीश, कानपुर देहात की अदालत ने रामौतार उर्फ गुड्डन और रमेश सिंह को 40-40 हजार रुपये, पप्पू उर्फ विजयनारायण और पप्पू मुसलमान को 30-30 हजार रुपये, पंकज सिंह को 22 हजार रुपये तथा सत्यपाल सिंह को 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर सभी दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने इस फैसले को अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।









