कानपुर: कानपुर के पनकी स्थित वृद्धाश्रम में उस वक्त माहौल बेहद भावुक हो उठा, जब भारतीय रक्षक पार्टी (BRP) का एक प्रतिनिधिमंडल वहां रह रहे बुजुर्गों का हाल-चाल जानने पहुंचा। अपनों से दूर, जीवन के इस पड़ाव पर प्यार तलाशते इन बुजुर्गों के चेहरों पर कार्यकर्ताओं को अपने बीच पाकर एक अजीब-सी खुशी और सुकून तैर गया।
दौरे के दौरान डॉ. कुलदीप मिश्रा ने बुजुर्गों के कांपते हाथों को थामकर उनकी सेहत का जायजा लिया और आश्वस्त किया कि वे खुद को कभी अकेला न समझें। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष रुद्र सक्सेना ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर भावुक स्वर में कहा, “जनसंपर्क के जरिए हम हर उस खामोश दर्द तक पहुंचेंगे, जिसकी समाज अक्सर अनदेखी कर देता है।”
राष्ट्रीय महासचिव अमित शुक्ला ने कहा, “बुजुर्ग सिर्फ हमारी जिम्मेदारी नहीं, हमारी जड़ों की छांव हैं। उन्हें उनका खोया मान-सम्मान और स्नेह लौटाना ही हमारा परम धर्म है।”
कानपुर जिलाध्यक्ष अनुज पांडे ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को देखा और कहा, “अपनों के छोड़ जाने की तन्हाई क्या होती है, यह इन बुजुर्गों की खामोश आंखों में झलकता है। समाज में उपेक्षा का दर्द चाहे इन अपनों से दूर हुए बुजुर्गों का हो या हाशिए पर खड़े ट्रांसजेंडर समुदाय का—दोनों की पीड़ा एक समान है। दोनों को सिर्फ अपनापन और सम्मान चाहिए। बिना किसी भेदभाव के इनकी सेवा करना ही हमारी सच्ची नैतिक जिम्मेदारी है।”
भारतीय रक्षक पार्टी ने साफ किया कि वह बुजुर्गों, ट्रांसजेंडर समुदाय और हर जरूरतमंद वर्ग की मजबूत आवाज बनकर खड़ी रहेगी। पार्टी ने जनता को यह भावुक संदेश दिया कि जिस आत्मीयता से आज वे इन वरिष्ठ नागरिकों के आंसू पोछने पहुंचे हैं, ठीक उसी तरह देश का हर एक नागरिक उनके लिए परिवार का हिस्सा है; पार्टी का हर कार्यकर्ता घर-घर जाकर जन-जन का दुख बांटेगा और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए जी-जान लगा देगा।









