कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए विगत 3 मई को नीट की परीक्षा जहां संपन्न हुई जिसमें लगभग 23 लाख परीक्षार्थियों ने भाग लिया और परीक्षा के बाद ऐसा कुछ मालूम हुआ कि परीक्षा ही लीक हो गई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इसे रद्द कर दिया और यह जांच सीबीआई को सौंप दी गई वही सरकार ने पुनः परीक्षा कराने व जांच कराए जाने की बात कही वही कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने सरकार व परीक्षा एजेंसी की नाकामी कही। आज सभी परीक्षार्थी मायूस हैं । हालांकि परीक्षा एजेंसी दोबारा परीक्षा के लिए पंजीकरण न कराने की बात कही और कहा कि उन्ही केंद्रों पर पुनः परीक्षा कराई जाएगी । नीट परीक्षा एक अग्निपरीक्षा है इसमें मुश्किल से 20% ही बच्चे पास हो पाते हैं। परीक्षा संस्था ने पेपर लीक न होने का प्रयास किया और परीक्षा फेल हो गई । जांच से पता चला कि गेस पेपर के 100 प्रश्न पत्र नीट से हूबहू मिले जिसमें छात्रों के पास होने का पूरा प्रयास था। वही कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा केंद्र और प्रदेश की सरकार परीक्षा लीक मामले पर लगाम नहीं लग पा रही है पूर्व में पेपर लीक हुए वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रत्येक जिले और प्रत्येक प्रदेश में स्थानीय स्तर पर कांग्रेस जनों से धरना प्रदर्शन की भी बात कही वही विपक्ष में सपा बसपा एवं अन्य छोटी-छोटी पार्टियों ने अपने स्तर से नीट परीक्षा के लीक होने पर जहां धरना और प्रदर्शन कर रहे है वहीं आम जनों ने गुनहगारों को कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग की हालाकि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकारे पेपर लीक मामले में सीबीआई छापे ही नहीं मार रही । बलकि उनको पकड़ भी रही है आम लोगों ने ऐसे गन्दे
लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग केंद्र और प्रदेश सरकारों से छात्र हित में की ताकि दुबारा ऐसे लोग न पनप सकें।









