कानपुर देहात विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान–अप्रैल 2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायतीराज, नगर निकाय, शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, पशुपालन, कृषि, जल निगम, स्वच्छ भारत मिशन, उद्यान विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाले दस्तक अभियान को जनपद में प्रभावी, समन्वित एवं परिणामोन्मुख तरीके से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ा हुआ है, अतः सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करें। बैठक में बताया गया कि जनपद के विभिन्न विकास खंडों—अकबरपुर, सरवनखेड़ा, मलासा, अमरौधा, राजपुर, सन्दलपुर, डेरापुर, झींझक, रसूलाबाद एवं मैथा के चयनित संवेदनशील ग्रामों एवं मोहल्लों में विशेष फोकस के साथ गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इन क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव की समस्या का निस्तारण, एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि आशा एवं एएनएम के माध्यम से घर-घर सर्वे कर बुखार, खांसी, टीबी, डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संचारी रोगों के संभावित मरीजों की पहचान सुनिश्चित की जाए। दस्तक अभियान के अंतर्गत प्रत्येक घर तक पहुंचकर लक्षणों की जानकारी, रोकथाम के उपाय तथा समय से उपचार के लिए प्रेरित किया जाए। पंचायतीराज एवं नगर निकाय विभाग को निर्देश दिए गए कि गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई, कूड़ा निस्तारण एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा जहां जलभराव की समस्या है, वहां तत्काल प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में बच्चों को संचारी रोगों से बचाव हेतु जागरूक किया जाए तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाए। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से माताओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि पशुओं से फैलने वाले रोगों की रोकथाम हेतु टीकाकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। कृषि विभाग को खेतों में जलभराव न होने देने एवं कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि मच्छर रोधी पौधों जैसे तुलसी, लेमन ग्रास, सिट्रोनेला, गेंदा आदि के पौधों का उत्पादन एवं वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा इन्हें सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं घरों के आसपास रोपित कराने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे मच्छरों की रोकथाम में प्राकृतिक एवं प्रभावी उपाय अपनाए जा सकें। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अभियान से संबंधित दैनिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी और आवश्यकतानुसार निरीक्षण भी किया जाएगा। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर प्रभावी अंतरविभागीय समन्वय के माध्यम से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं तत्परता के साथ करें, जिससे जनपद में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।









