कानपुर देहात प्रदेश कांग्रेस के आवाहन पर जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर देहात के जिला अध्यक्ष अम्बरीष सिंह गौर के नेतृत्व में जिला कांग्रेस ब्लॉक कांग्रेस के लगभग एक सैकड़ा पदाधिकारियों ने मनरेगा में काम कर रहे मजदूरों का करीब 3 माह से और अन्य संविदा कर्मियों को लगभग 8 माह से पगार न मिलने पर भुखमरी जैसी स्थित हो जाने को लेकर कांग्रेस जनों ने कांग्रेस बैनर और झंडा लेकर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय माती कानपुर देहात पर पहुचे काफी देर तक मुय विकास अधिकारी के न आने और गेट पर ज्ञापन न लेने के विरोध में वही बैठ गए फिर कांग्रेसियों ने सीधे मुख्य विकास अधिकारी विधान जयसवाल के आफिस दरवाजे को घेरा बाहर खड़े उनके सिंह सालारों ने बताया किअधिकारी नहीं है गेट बंद है कांग्रेसियों के जिद करने पर देर से जैसे ही दरवाजा खुला तो देखा गया की सिपाही स्वयं झूठ बोल रहे हैं वही अधिकारी भी अंदर बैठे हैं और भाजपा के कई जाने-माने पदाधिकारी कार्यकर्ता भी बैठे हैं और गेट यानी ऑफिस का दरवाजा बंद किए हैं मालूम हो कि जब कोई धरना प्रदर्शन किसी भी कार्यालय के बाहर होता है तो अधिकारी को उनके सिपहसालार पहले से ही बता देते हैं और यह जानकारी एल आई यू के माध्यम से उक्त अधिकारी को जरूर दी होगी लेकिन भाजपा के शासनकाल में शायद अधिकारी भी एक तरफा हो गए हैं जो या तो किसी अन्य पार्टी की बात को सुनते ही नहीं अथवा शायद वह जानते हैं की एक ऐसी कहावत है जो अब पुरानी हो चुकी है यह है कि सैंया भाये कोतवाल हमें डर काहे का इसका अर्थ यह हुआ कि वह जानते हैं कि अगर हमारे ऊपर कोई कार्रवाई होगी तब केवल बीजेपी वाले ही हमारा कुछ बाल बांका कर पाएंगे अन्य किसी भी पार्टी की कोई हैसियत नहीं है यही तो मानकर अधिकारी का गेट बंद रहा और अधिकारी अंदर बैठा रहा कांग्रेसियों ने जब घूम घूम कर हो हल्ला मचाया और अधिकारी से मिलने की जिद की तब कहीं अधिकारी दरवाजा खोलकर बाहर आया और ज्ञापन लिया क्या इससे तो ऐसा लगता है कि अधिकारी भी किसी समस्या या किसी धरना प्रदर्शन या किसी ज्ञापन समस्या के प्रति संजीदा नहीं है अगर संजीदा होते तो शायद कांग्रेसियों को कड़ी धूप में जमीन पर नहीं बैठना पड़ता लगता है सरकारी अधिकारी भाजपा को डरते हैं और अन्य पार्टियों को नजरअंदाज करने में माहिर है जैसा कि कानपुर देहात मुख्य विकास अधिकारी के आचरण और व्यवहार से कांग्रेसियों को ही नहीं उपस्थित पत्रकारों और आम लोगों को भी देखने में आया इस पर सुधार न हुआ तो देर सवेर लड़ाई और बढ़ेगी हालांकि अधिकारियों से व्यक्तिगत किसी को कुछ लेना-देना नहीं है लेकिन कम से कम ज्ञापन के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुने और जहां तक संभव हो हल करें न हल हो तो हमारी समस्या को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दें शायद ऐसा नहीं हो रहा है यह जानकारी प्रदेश सेवादल के महासचिव राम अवतार दीक्षित कांग्रेसी वाजिद कुरैशी बसंत लाल अशोक शुक्ला देवेंद्र पांडे मनोरमा शंखवार पिंटू दिवाकर राजेंद्र कटियार सहित लगभग सभी उपस्थित कांग्रेसियों ने एहसास किया कि सरकार के इशारे पर अधिकारी जनता की समस्याओ को









