रसूलाबाद कानपुर देहात। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी में रसूलाबाद सीट पर टिकट बंटवारे को लेकर अहम मंथन जारी है। तीन सियासी सूरमाओं—नीलम कठेरिया कुलदीप शंखवार और शिव कुमार बेरिया—के बीच टिकट के लिए जबरदस्त मुकाबला छिड़ा हुआ है। सपा ने इस बार टिकट पर सूझ बूझ से फैसला करने की तैयारी कर पूरी पार्टी में मंथन शुरू करा दिया है ।
समाजवादी पार्टी की कसौटी पर खरे उतरने वाली नीलम कठेरिया का परिवार वर्षों से पार्टी की रीढ़ रहा है। पूर्व पुलिस अधिकारी पति के निधन के बावजूद नीलम ने जनसेवा का दायित्व निभाते हुए जमीनी स्तर पर दो बार ग्राम प्रधान की गरिमा हासिल की है और वर्तमान में भी ग्राम प्रधान है। उनकी पार्टी में सेवाएं और समर्पण को समाजवादी पार्टी खास तवज्जो देती है । नीलम ने गरीबों असहायों कमजोरों की जनसेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी और यहां तक कि विधान सभा के हर बूथ तक जनता में अपनी पहचान बनाने में भी कामयाब रही । माताओं बहनों में समाजवादी पार्टी की पकड़ मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है । रसूलाबाद क्षेत्र में उनके मायके व मजबूत सामाजिक सरोकार व्यापक जनसंपर्क और लोक प्रियता उन्हें टिकट के लिए प्रबलता से दावेदार बनाती हैं।
दूसरी ओर वहीं समाजवादी पार्टी में हाल के वर्षों में बड़ी लोकप्रियता हासिल करने वाले पिछड़ा वर्ग के मजबूत नेता कुलदीप शंखवार स्थानीय समाज में उनकी पकड़ और पार्टी नेतृत्व के विश्वास के कारण टिकट की दौड़ में शामिल हैं। लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव के लिए काम करके उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व का विश्वास जीता है। गरीबों की मदद में सक्रिय कुलदीप अपनी जुझारूपन के लिए जाने जाते हैं। कुलदीप की जनसेवा एवं सामाजिक संघर्ष की छवि पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत रखती है ।अपनी बिरादरी और पिछड़ेवर्ग के बीच अपार लोकप्रियता के दम पर टिकट के पाने लिए तैयार बैठे है ।
लेकिन सबसे ज्यादा दिलचस्प मोड़ है शिव कुमार बेरिया का चार बार सपा से विधायक और सपा सरकार में मंत्री रह चुके शिव कुमार बेरिया ने अपनी राजनैतिक भंवर में भाजपा से वापसी कर सपा की किले बंदी में फिर से हिस्सेदारी मांगी है । बेरिया को पार्टी ने सांसद प्रतिनिधि बनाया है। उनका अनुभव और राजनीतिक समीकरण भी सपा नेतृत्व के लिए अहम हैं।
सपा नेतृत्व इस बार टिकट देने के मामले में हर पहलू का गहन मूल्यांकन कर रही है ताकि रसूलाबाद सीट कब्जाने का दावा पक्के हाथ में रहे।
सपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस बार टिकट वितरण को लेकर काफी सतर्क है और हर दावेदार की मजबूती और कमजोरियों का पार्टी नेतृत्व गहराइयों से आकलन कर रहा है ताकि 2027 में रसूलाबाद से जीत की गारंटी रखी जा सके वैसे नीलम कठेरिया और कुलदीप शंखवार कार्यकताओं की पहली पसंद के रूप चर्चाओं में सुने जा रहे है फिर भी यह पार्टी क्या निर्णय लेती है यह भविष्य के गर्भ में है











