सिकंदरा कानपुर देहात:-सिकंदरा क्षेत्र में ओवरब्रिज के नीचे से नगर पंचायत की ओर आने वाले मुगल रोड पर हाल के दिनों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक संस्था आकाशदीप फाउंडेशन ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी प्रद्युम्न कुमार को ज्ञापन सौंपा। संस्था ने बताया कि सड़क पूरी तरह सुचारू है, परंतु तेज रफ्तार, तीव्र मोड़, कम दृश्यता, तथा सर्दी के मौसम में कोहरे की बढ़ोतरी जैसे कारणों से दुर्घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।
हाल ही में इसी मार्ग पर दो अलग-अलग हादसों में शैलेंद्र यादव उर्फ छैया (32 वर्ष) और एक महिला बाइक सवार (35 वर्ष) की मौत हो चुकी है। संस्था ने कहा कि यह क्षेत्र तेजी से दुर्घटना-बहुल जोन बनता जा रहा है।
आकाशदीप फाउंडेशन ने सड़क के सुधरे होने के बावजूद सुरक्षा इंतजामों की कमी को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताते हुए SDM को निम्नलिखित मांगें सौंपी—
1. इस स्थान को दुर्घटना-बहुल क्षेत्र (Accident Prone Zone) घोषित किया जाए।
2. ओवरब्रिज के नीचे से आने वाले मार्ग पर गति सीमा (Speed Limit) निर्धारित की जाए।
3. आबादी क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर स्थापित किए जाएँ।
4. चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, और रात्रिकालीन दृश्यता बढ़ाने वाले संकेतक लगाए जाएँ।
SDM ने आश्वासन दिया
उप जिलाधिकारी प्रद्युम्न कुमार ने संस्था की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि—
“सड़क सुरक्षा एक प्राथमिक मुद्दा है। संबंधित विभागों को निर्देशित कर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”
संस्था की पहले से चल रही जनसेवा—ग्रामीणों के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था
ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को सुरक्षित रखने में होने वाली परेशानी को देखते हुए आकाशदीप फाउंडेशन ने क्षेत्र के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था भी की है।
इस व्यवस्था से कई परिवारों को तत्काल राहत मिली है। SDM प्रद्युम्न कुमार ने संस्था की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे प्रशंसनीय बताया। इस मौके पर संस्था के प्रमुख लोग आकाश सक्सेना अध्यक्ष प्रदीप कुमार त्रिवेदी संरक्षक प्रभु दयाल कुशवाहा उपाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता उर्फ बब्बन गुप्ता उप सचिव दिलीप कटियार उर्फ दीपू कटियार सचिव
रामावतार राजपूत कोषाध्यक्ष
सरिता कटियार उर्फ जयंती कटियार सदस्य ,अन्य सक्रिय सदस्य भी उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और संस्था के संयुक्त प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और क्षेत्र अधिक सुरक्षित बन सकेगा।











