थाना बरौर की पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक आरोपी को किया गिरफ्तार
बरौर की पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने घटना का किया खुलासा
जनपद कानपुर देहात , जनपद कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नारायण पांडे जी के निर्देशानुसार चेकिंग के दौरान सुबह बल्हारामऊ के पास (कानपुर औरेया हाइवे) पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी जिसकी शिनाख्त प्रदीप उर्फ सुक्खा पुत्र स्व0 संदीप शर्मा निवासी अंगदपुर थाना बरौर जनपद कानपुर देहात के रूप में हुई थी। मृतक के बाबा/वादी श्री जगदीश नारायण पुत्र स्व0 चिरंजीव लाल निवासी ग्राम अंगदपुर थाना बरौर जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 28.10.2025 को थाना बरौर पर दी गई तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 58/2025 धारा 140(1)/103(1)/238 बी0एन0एस0 2023 बनाम 1. मयंक उर्फ ईशू 2. ऋषि कटियार पुत्रगण सर्वेश कटियार उर्फ भाटिया निवासीगण अंगदपुर थाना बरौर जनपद कानपुर देहात पंजीकृत किया गया था । विवेचना के क्रम में प्राप्त तथ्यों/साक्ष्यों के आधार पर 01 अभियुक्ता (मृतक की मां) का नाम प्रकाश में आया तथा धारा 61(2) बी0एन0एस0 2023 की बढोत्तरी की गयी। विवेचना में आये तथ्यों के आधार पर अभियुक्त मयंक उर्फ ईशू उपरोक्त का मृतक की माँ से प्रेम सम्बन्ध है जिसका मृतक प्रदीप विरोध करता था। महिला तथा उक्त अभियुक्तगण ने मिलकर एक षड़यंत्र के तहत मृतक प्रदीप उर्फ सुक्खा उपरोक्त के नाम से एलआईसी बीमा की 04 पॉलिसियां खुलवायी थी तथा सभी में नामिनी मृतक की माँ (अभियुक्ता) को बनाया गया था। सभी पॉलिसियों में कुछ किस्तें जमा करने के बाद पॉलिसी का लाभ लेने के लिए उक्त अभियुक्तगण द्वारा मृतक को साथ ले जाकर शराब पिलाकर नशे की हालत में वैगन आर गाड़ी में हथोड़े से मारकर सड़क दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से बल्हारामऊ के पास हाइवे पर मृतक का शव फेंक दिया था, जिससे बीमा क्लेम की ज्यादा धनराशि प्राप्त कर सकें, जांच में प्रकाश में आया कि समस्त बीमा पॉलिसियों की क्लेम राशि लगभग 40 लाख रूपये प्राप्त होती। प्रकाश में आयी वाछिंत अभियुक्ता को उसके घर के दरवाजे से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्ता द्वारा स्वीकार किया गया है कि षड़यंत्र के तहत बीमा पॉलिसी की धनराशि हड़पने के लिए हम तीनों ने मिलकर घटना कारित की है। गिरफ्तारशुदा अभियुक्ता को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।
अभियुक्ता ने पूछने पर बताया कि मेरे पति की मृत्यु 4 वर्ष पहले हो गयी थी। तभी से मेरे प्रेम सम्बन्ध पड़ोस में रहने वाले मयंक उर्फ ईशू से हो गये थे। मेरे लिए ही ईशू ने अभी तक शादी नहीं की, जबकि इसके छोटे भाई ऋषि की शादी हो गयी है। कई बार मेरे लड़के प्रमोद उर्फ सुक्खा ने हम दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिससे प्रदीप मुझसे कम बात करता था। तभी से वह बाहर रहने लगा था, वह जब भी घर आता जाता था तो अपने बाबा के पास ही रहता था। कभी-कभी मेरे पास आता था। मैंने और मंयक ने योजना बनाकर प्रदीप की 04 बीमा एलआईसी पॉलिसियां अलग-अलग तिथियों में करायी थी। कुछ किस्तें हम लोगों ने सभी पॉलिसियों की जमा कर दी थी। दीपावली के त्यौहार पर प्रदीप घर आने वाला है, जानकर मैंने और ईशू ने मिलकर योजना बनायी कि यदि प्रदीप की हत्या कर एक्सीडेन्ट से मृत्यु होना दर्शा दें तो हम लोगों को बीमा का क्लेम मिल जायेगा और किस्तें भी जमा नहीं करनी पड़ेंगी। तब ईशू ने कहा कि अपने भाई ऋषि को भी इसमें शामिल कर लेतें हैं तो ज्यादा आसान रहेगा क्यूंकि मैं अकेले ये सब नहीं कर पाऊंगा और अगर तुम यहां रही तो तुम पर शक हो जायेगा और बीमा का क्लेम नहीं मिल पायेगा। ऐसा करो जब प्रदीप घर आयेगा तब तुम कहीं बाहर चली जाना जिससे कि कोई भी तुम पर शक नहीं कर पायेगा और हम दोनों मिलकर उसको ठिकाने लगा देंगे। उसके बाद उसके बीमा के पैसे में से कुछ पैसा ऋषि को दे देंगे बाकी पैसा लेकर हम दोनों यहां से कहीं दूर निकल चलेंगे और अपनी बची हुई जिंदगी आराम से बितायेंगे। योजना के अनुसार, दीपावली में जब प्रदीप घर आया तो मैं दो दिन बाद ही घर से अपनी रिश्तेदारी में चली गयी थी, जिससे कि मुझ पर कोई शक न करे । मैं ईशू और ऋषि से मिलकर सारी बात फाइनल करके गयी थी। मेरा लड़का प्रदीप कभी कभार शराब पी लेता था शराब पीने के बाद वह होश में नहीं रहता था इसी बात का फायदा उठाते हुए दिनांक 26.10.2025 शाम को ऋषि और ईशू दोनों लोग अपनी कार से प्रदीप को साथ ले गये और शराब पिलाकर नशे में कर दिया तथा नशे में करके गाड़ी में ही हथोड़ी से प्रदीप के सिर पर वार करके मारकर उसकी मौत को एक्सीडेन्ट दिखाने के लिए हाइवे पर फेंक दिया। फिर योजना के अनुसार, जब मुझे प्रदीप की लाश मिलने की खबर मिली तब मैं गांव आयी लेकिन गांव आकर पता चला कि कुछ लोगों ने ईशू और ऋषि द्वारा अपनी गाड़ी से प्रदीप को ले जाते हुए देख लिया था और अगले ही दिन मेरे ससुर जगदीश नारायण ने नामजद मुकदमा लिखवा दिया है लेकिन मुझे पूरा यकीन था कि मेरे ऊपर किसी का शक नहीं जायेगा। साहब गलती हो गयी पैसे के लालच में आकर मैंने अपने लड़के को ही मरवा दिया।











