फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद की तीनों तहसील सदर, अमृतपुर और कायमगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद फतेहगढ़ पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। मंच से संबोधन की शुरुआत बाबा नीम करौरी और मां गंगा के स्मरण से करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार फर्रुखाबाद के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
तटबंध की मांग पर सीएम का बड़ा भरोसा, बोले- अस्थायी नहीं स्थायी समाधान निकालेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले लखनऊ में जिले के चारों विधायकों और जिला अध्यक्ष के साथ बैठक में बाढ़ की समस्या पर चर्चा की गई थी। प्रभारी मंत्री को भी प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही राहत सामग्री की किट करीब 50 किलो की है। सांसद और विधायकों ने तटबंध की मांग रखी है। सरकार बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम करेगी।
पानी उतरते ही टूटी सड़कों पर दौड़ेगा पीडब्ल्यूडी
योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी निकलते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराई जाए। आपदा राहत कोष से पीडब्ल्यूडी के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में परेशानी न हो।
‘फर्रुखाबाद बदल चुका है’, जंक्शन से विकास को रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद अब बदल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए जिले को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। फर्रुखाबाद जंक्शन बन रहा है। उन्होंने पुराने राजनीतिक तंज का जिक्र करते हुए कहा कि अब फर्रुखाबाद के लोगों को यह नारा नहीं लगाना पड़ेगा कि ‘फर्रुखाबाद चूसे गन्ना, एक्सप्रेसवे भी ले गए…
आलू किसानों को राहत, आगरा में बन रहा इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद आलू किसानों का बड़ा क्षेत्र है। जनप्रतिनिधियों ने आलू किसानों की समस्या उनके सामने रखी थी। किसानों को राहत देने के लिए प्रति पैकेट सहायता का काम किया गया है। प्रधानमंत्री के सहयोग से आगरा में इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर की स्वीकृति दी गई है और इसका कार्य शुरू हो चुका है। सरकार का उद्देश्य अन्नदाता को हर स्तर पर लाभ पहुंचाना है।
सैफई सिंडिकेट पर बरसे योगी, नौकरी और आउटसोर्सिंग में कमीशनखोरी पर साधा निशाना
सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सैफई सिंडिकेट नौकरियों पर हावी था। योग्य नौजवान नौकरी से वंचित रह जाते थे। आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अब आउटसोर्स सर्विस कॉरपोरेशन बनाएगी। कर्मचारियों को बेहतर मानदेय मिलेगा और पैसा सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचेगा, बीच में कोई कमीशन नहीं खा सकेगा।
50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव का दावा, युवाओं के रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बनने से निवेश का वातावरण तैयार हुआ है। उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि निवेश का मतलब केवल उद्योग लगना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होना भी है। सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर जनपदों में स्किलिंग और रोजगार जोन विकसित किए जा रहे हैं।
सांसद ने कहा- अब दो-तीन महीने झेलनी पड़ रही बाढ़
कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत ने मुख्यमंत्री के सामने बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान और तटबंध निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पहले बाढ़ का पानी 10-15 दिन तक रहता था, लेकिन अब दो-तीन महीने तक परेशानी बनी रहती है। उन्होंने बाढ़ विशेषज्ञों से सलाह लेकर ठोस समाधान निकालने की मांग की। सांसद ने कहा कि वर्तमान सरकार में सभी को समान रूप से राशन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वे के दौरान जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति देखी और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।









