कानपुर। शहर में बुधवार को एक ऐसी राजनीतिक व सामाजिक हलचल देखने को मिली, जिसने क्रांति और जनसेवा के जज्बे को एक बार फिर तरोताजा कर दिया। भारतीय रक्षक पार्टी के ऊर्जावान पदाधिकारियों ने देश के जाने-माने क्रांतिकारी व प्रखर समाजसेवी निन्नी पांडे से उनके आवास पर मुलाकात की।
घंटों चली इस आत्मीय बैठक में जब पार्टी के युवाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अधिकार पहुँचाने का अपना विजन रखा, तो निन्नी पांडे भी उनके मुरीद हो गए। पार्टी की साफ-सुथरी सोच और जमीनी संकल्पों से प्रभावित होकर उन्होंने न सिर्फ पार्टी को अपना पूर्ण आशीर्वाद दिया, बल्कि हर कदम पर कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का खुला ऐलान भी किया।
बैठक का माहौल तब बेहद भावुक और गरिमामय हो गया, जब अमर शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की शहादत को याद किया गया। वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखों में शहीदों के सपनों का भारत बनाने की चमक साफ देखी जा सकती थी।
‘जनता की आवाज बनेंगे हम’ – बैठक के प्रमुख सूत्रधारों ने कहा:
डॉ. कुलदीप मिश्रा: “हमारा लक्ष्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि हर गरीब और असहाय तक इलाज और शिक्षा का हक पहुँचाना है।”
पंडित गौरव शास्त्री: “आज का युवा भटका हुआ नहीं है, बस उसे राष्ट्र निर्माण के सही रास्ते से जोड़ने की जरूरत है।”
एडवोकेट रूद्र सक्सेना: “जनता का शोषण अब बर्दाश्त नहीं होगा; कानून की ताकत से हम आम आदमी की ढाल बनेंगे।”
अमित शुक्ला (समाजसेवी): “जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान नहीं आती, हमारा यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।”
सुजीत (कार्यकर्ता): “शहीद भगत सिंह और आजाद के विचारों की मशाल को हम हर घर तक लेकर जाएँगे।”
बैठक के अंत में निन्नी पांडे ने सभी युवाओं की पीठ थपथपाई और कहा कि जब सोच ईमानदार हो और इरादे बुलंद, तो बदलाव को कोई रोक नहीं सकता। इस मुलाकात के बाद शहर के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छिड़ गई है।









