एससी आरक्षण, जातिगत गणना में ‘मंझवार’ दर्ज करने समेत उठाई चार प्रमुख मांगें
कालपी (जालौन)। विमुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) एवं निषाद वंश/विमुक्त जनजाति समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी कालपी विनय मौर्य को चार अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृह सचिव तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली को प्रेषित किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में लागू क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट, 1871 के तहत कई समुदायों को जन्मजात अपराधी के रूप में चिह्नित किया गया था। उनके अनुसार, स्वतंत्रता के बाद 31 अगस्त 1952 को इस कानून को निरस्त किए जाने के बाद संबंधित समुदायों को विमुक्त जनजाति (DNT) के रूप में पहचान मिली। इसी की स्मृति में प्रतिवर्ष 31 अगस्त को विमुक्ति दिवस मनाया जाता है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि केवट, मल्लाह, निषाद, बिन्द, मंझवार, कश्यप, तुरैहा, माझी, रैकवार आदि को निषाद वंश की पर्यायवाची उपजातियां माना जाता है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न राज्यों में इन समुदायों को अलग-अलग श्रेणियों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। प्रतिनिधियों ने इसे आरक्षण व्यवस्था की विसंगति बताते हुए इसे दूर करने की मांग की।
समाज की प्रमुख मांगों में आगामी जातिगत जनगणना में निषाद वंश की पर्यायवाची जातियों को ‘मंझवार’ के नाम से दर्ज करने, उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची उपजातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने, विमुक्त जातियों को शिक्षा, सरकारी नौकरियों और राजनीति में विशेष आरक्षण व पेंशन की सुविधा देने तथा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के लोगों के गांवों को ‘आदर्श शहीद गांव’ घोषित करने की मांग शामिल रही।
एसडीएम विनय मौर्य ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापनों को नियमानुसार सक्षम उच्चाधिकारियों और संबंधित आयोग को प्रेषित किया जाएगा।
इस दौरान निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष जालौन सत्य प्रकाश निषाद, प्रांतीय अध्यक्ष देवदत्त निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज कुमार निषाद, जिला उपाध्यक्ष बालमुकुंद निषाद, संजय निषाद, ब्लॉक उपाध्यक्ष बालकेश निषाद, हरिशंकर निषाद, रामबत्ती निषाद, दौलतराम निषाद, रमेश निषाद, सोनेलाल निषाद, नरेश निषाद, महेंद्र निषाद, लल्लू निषाद, वंश गोपाल निषाद, देशराज निषाद, रविंद्र निषाद, राजकुमार निषाद, शिवकुमार निषाद तथा विक्रम निषाद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाज के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
आर० एन० शुक्ला पत्रकार









